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बाजुरावासियों के आन्दोलन के कारण सड़क बंद, कैलाश मानसरोवर यात्रा प्रभावित

२८ जेठ, धनगढी। हुम्ला से बाजुरा हिमाली गाउँपालिका–३ लाम्पाटा पहुंचे जनप्रतिनिधि सहित अन्य पर हुए पिटाई के मामले में दोषी पर कार्रवाई न होने के कारण बाजुरावासी आक्रोशित हैं। बुधवार से हिमाली गाउँपालिका के केन्द्र धुलाचौर में स्थानीय लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने हिमाली गाउँपालिका प्रमुख प्रशासनिक अधिकृत कुलबहादुर थापा, वडा नं ३ सदस्य पेमागारा गुरुङ सहित अन्य पर पिटाई करने वालों को गिरफ्तार कर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने सड़क पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया है जिससे धुलाचौर में सवारी आवागमन बाधित हो गया है। इस स्थिति ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी असर डाला है।

काठमांडू से आने वाले १८ सदस्यों के एक समूह जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर थे, सोलुखुम्बु के थुलुङ दुधकोशी गाउँपालिका के शुक्र तामाङ ने बताया कि स्थानीय आंदोलन के कारण उन्हें समस्या का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार कर्णाली कोरिडोर मार्ग से गुजरते हुए गुरुवार सुबह ५ बजे बस धुलाचौर पहुंची, लेकिन स्थानीय लोगों द्वारा सड़क बाधित किए जाने के कारण बस आगे नहीं बढ़ सकी। अब उक्त समूह पैदल मानसरोवर की ओर आगे बढ़ रहा है। धुलाचौर मार्ग से यात्रा कर रहे अन्य कुछ यात्री भी पैदल आगे बढ़े हैं।

बाजुरा के सहायक प्रमुख जिल्ला अधिकारी लक्ष्मण पुडासैनी ने बताया कि बुधवार से ही धुलाचौर में स्थानीय लोग आंदोलनरत हैं। उन्होंने बताया कि बाजुरा पुलिस हुम्ला पुलिस की मदद से पिटाई में शामिल व्यक्तियों की खोज कर रही है। ३ जेठ को हुम्ला से आए स्थानीय लोग लाम्पाटा गाउँ में पहुंचकर वडा सदस्य पेमागारा गुरुङ समेत अन्य को पिटाई कर बंधक बनाये थे। धनगढी के मेयर गोपाल हमाल के नेतृत्व में पर्यटन प्रवर्द्धन समूह पर भी रानीसैन में पत्थरबाजी हुई थी। कुछ दिन पहले रानीसैन क्षेत्र में स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए भेड़ागोड़ा तोड़फोड़ कर आगजनी की गई थी। स्थानीय लोग घटना की निष्पक्ष जांच और आगजनी, पिटाई तथा लूटपाट में शामिल दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सदरमुकाम मार्तडी में भी बुधवार को स्थानीय लोगों ने विरोध स्वरूप प्रदर्शन किया था।