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सभापति अर्याल और अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत स्कटका के बीच वार्ता

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा।

  • नेपाल के लिए अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत स्कट और प्रतिनिधि सभा के सभापति डोल प्रसाद अर्याल के बीच शिष्टाचार मुलाकात हुई।
  • कार्यवाहक राजदूत स्कट ने नेपाल के साथ दीर्घकालिक मैत्रीपूर्ण संबंध और सुशासन के लिए निरंतर सहयोग की अमेरिका की इच्छा व्यक्त की।
  • सभापति अर्याल ने बताया कि नेपाल-अमेरिका संसदीय मैत्री समूह के पुनर्गठन की प्रक्रिया प्रगति पर है।

२९ जेठ, काठमांडू। नेपाल के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के कार्यवाहक राजदूत स्कट ने नेपाल के साथ दीर्घकालिक सहयोगात्मक संबंध स्थापित करने के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

प्रतिनिधि सभा के सभापति डोल प्रसाद (डीपी) अर्याल से हुई शिष्टाचार मुलाकात में कार्यवाहक राजदूत स्कट ने नेपाल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच दीर्घकालिक मैत्रीपूर्ण और सहयोगात्मक संबंधों के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता पुनः घोषित की।

उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्य, सुशासन, आर्थिक विकास और जनस्तरीय संबंधों को मजबूत बनाने के लिए अमेरिका के निरंतर सहयोग के इच्छुक होने की भी जानकारी दी, जैसा कि सभापति के सचिवालय ने बताया।

मुलाकात के दौरान सभापति अर्याल ने कहा कि नेपाल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच १९४७ में कूटनीतिक संबंध स्थापित होने के बाद से पारस्परिक सम्मान, विकास सहयोग और जनस्तरीय संबंधों पर आधारित घनिष्ठ, सौहार्दपूर्ण और सहयोगात्मक संबंध कायम हैं। दोनों देशों ने लोकतंत्र, मानवाधिकार और स्वतंत्रता जैसे साझा मूल्यों को अपनाया और सम्मानित किया है।

आगामी वर्ष नेपाल-अमेरिका के कूटनीतिक संबंध स्थापना की ८०वीं वर्षगांठ के संदर्भ में, इस अवसर को दो देशों के बीच आठ दशकों से चली आ रही मित्रता, सहयोग और साझेदारी की समीक्षा का एक अवसर माना जा रहा है, जिससे भावी संबंधों को और मजबूत किया जा सकेगा। इस अवसर के तहत संसदीय भ्रमण और आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित कर दोनों देशों के संसद और जनप्रतिनिधियों के बीच संबंध मजबूती से आगे बढ़ाए जा सकते हैं, ऐसी अपेक्षा जताई गई।

सभापति अर्याल ने नेपाल-अमेरिका संसदीय मैत्री समूह के पुनर्गठन की प्रक्रिया के बारे में बताया और अमेरिकी विधायिका में भी नेपाल-अमेरिका मैत्री समूह को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि ऐसे मैत्री समूह संसदीय संबंधों, व्यापार, निवेश, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सभापति अर्याल ने संयुक्त राज्य अमेरिका को नेपाल का एक महत्वपूर्ण विकास साझेदार बताया और कहा कि १९५० के दशक से अमेरिका ने नेपाल के सामाजिक तथा आर्थिक विकास, संस्थागत सुदृढ़ीकरण और मानव संसाधन विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने नेपाल-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए नेपाल की प्रतिबद्धता व्यक्त की और कहा कि आने वाले समय में भी अमेरिका का सहयोग और समर्थन निरंतर बना रहेगा।

उन्होंने सफल संसदीय चुनाव के बाद नेपाल की राजनीतिक यात्रा नई दिशा में प्रवेश कर चुकी है, वर्तमान सरकार स्थिरता, रूपांतरण, पारदर्शिता, सुशासन एवं संस्थागत सुधार के प्रति प्रतिबद्ध है। जनता की सुशासन और तेज आर्थिक विकास की अपेक्षा के अनुरूप कानून निर्माण, प्रभावी कार्यकारी निगरानी, रचनात्मक संसदीय बहस एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की सुरक्षा में प्रतिनिधि सभा दृढ़ता से काम कर रही है, ऐसी धारणा व्यक्त की।

नेपाल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच २५ अप्रैल १९४७ को कूटनीतिक संबंध स्थापित हुए थे। ब्रिटेन के बाद नेपाल ने अमेरिका के साथ दूसरा कूटनीतिक संबंध स्थापित किया था। नेपाल ने फरवरी १९५८ में वाशिंगटन डीसी में दूतावास खोला था जबकि अमेरिका ने अगस्त १९५९ में काठमांडू में अपना दूतावास स्थापित किया था।