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दिगो फेसन को प्रवर्द्धन में सीता पौडेल की पहल

उद्यमी सीता पौडेल ने काठमाडौं के दरबारमार्ग में दिगो फेसन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘प्रि लव लक्स बाइ सोराया’ नामक थ्रिफ्ट स्टोर की शुरुआत की है। उन्होंने सोराया के मुनाफे और प्रि लव की दान राशि से १६ वर्ष से कम आयु के बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा में सहायता करने के लिए ‘अरोरा फाउंडेशन’ संचालित किया है। दरबारमार्ग में स्थित इस आउटलेट, प्रि लव लक्स बाइ सोराया, की सजावट और यहां रखे कपड़े देखकर आपको यह लग सकता है कि यह किसी ब्रांडेड शॉप है। लेकिन यह एक ‘थ्रिफ्ट स्टोर’ है, जहां पुराने या सेकेंड हैंड सामान की बिक्री होती है। यहां रखे अधिकांश सामान पहले किसी के उपयोग में रहे हैं, लेकिन वे अभी भी अच्छी स्थिति में हैं और इन्हें नए मूल्य और नए उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाने का काम प्रि लव लक्स बाइ सोराया कर रहा है।

नेपाल में थ्रिफ्टिंग की अवधारणा नई नहीं है। कई वर्षों से सोशल मीडिया के माध्यम से उपयोग किए गए थ्रिफ्ट आइटम्स की बिक्री बढ़ी है। लेकिन ब्रांडेड फैशन सामान को व्यवस्थित, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय तरीके से पुनः बाजार में लाने का प्रयास सीमित था। इस शून्य को देखते हुए उद्यमी सीता पौडेल ने ‘प्रि लव लक्स बाइ सोराया’ की पहल की है। उनके अनुसार प्रि लव केवल एक व्यापारिक प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि यह दिगो फैशन और जिम्मेदार उपभोग संस्कृति का एक अभियान भी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम जो खरीदते हैं, उपयोग करते हैं और फेंकते हैं, उनका सीधा असर पर्यावरण पर पड़ता है। जब हम अभी भी उपयोग में लाए जा सकने वाले सामानों का पुनः उपयोग करते हैं, तो हम पर्यावरणीय दबाव कम कर सकते हैं।’’

प्रि लव का एक विशिष्ट पक्ष इसका गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली है। यहां सामान लाने वाले व्यक्ति को ब्रांडेड और असली सामान ही लाना होता है, जो अच्छी स्थिति में होना चाहिए। अत्यधिक इस्तेमाल किए गए वस्त्र स्वीकार नहीं किए जाते। प्रत्येक आइटम का सावधानीपूर्वक निरीक्षण किया जाता है। कई बार स्वयं सीता पौडेल रात के समय सामान की समीक्षा करती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लोग हमें भरोसा करके अपने लाखों की कीमत के सामान सौंपते हैं। ग्राहक भी हम पर भरोसा करके खरीदारी करते हैं। इसलिए भरोसा ही हमारा सबसे बड़ा संपत्ति है।’’ वर्तमान में प्रि लव में जारा, एच एंड एम, कोच, माइकल कॉर्स, टोरी बर्च समेत कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के सामान उपलब्ध हैं। कुछ वस्तुएं हजारों रुपये से कम कीमत पर मिलती हैं, जबकि कुछ लक्जरी आइटम्स की कीमत ५०,००० से ८०,००० रुपये तक होती है।

सीता के अनुसार प्रि लव की सफलता मात्र व्यापार तक सीमित नहीं है। यह मॉडल चार पक्षों को एक साथ लाभ पहुंचा रहा है। पहला, उपयोग में नहीं लाए गए सामान बेचने वाले को आर्थिक लाभ मिलता है। दूसरा, ग्राहक को सस्ती कीमत में गुणवत्ता युक्त ब्रांडेड सामान मिलते हैं। तीसरा, व्यवसाय चलाने वाली टीम को रोजगार और आमदनी प्रदान होती है। चौथा, पुनः उपयोग की संस्कृति पर्यावरण संरक्षण में योगदान देती है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे सबसे खुशी की बात यह है कि यहां सभी पक्ष विजेता की स्थिति में हैं।’’