कनाडा ने एआई चैटबॉट्स के लिए नए नियमों वाला कानून पेश किया, विशेषज्ञों ने उठाए सवाल
कनाडा सरकार ने एआई चैटबॉट्स को नियंत्रित करने के लिए नए कानून का मसौदा संसद में प्रस्तुत किया है। फरवरी में एक स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना में 9 लोगों की मौत के बाद सरकार पर जनता का दबाव बढ़ गया था। उस घटना के मुख्य आरोपी द्वारा चैटजीपीटी पर हिंसात्मक संदेश भेजे जाने का खुलासा होने के बाद ओपनएआई कंपनी ने इन संदिग्ध संदेशों की जानकारी पुलिस को न देने की बात स्वीकार की थी, जिसने कनाडा में भारी विवाद को जन्म दिया। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने बुधवार को नया बिल संसद में पेश किया।
यह बिल एक नये डिजिटल नियामक प्राधिकरण की स्थापना का प्रस्ताव करता है। साथ ही, कनाडा ने ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण लेते हुए 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की योजना भी रखी है। नए कानून के अंतर्गत एआई चैटबॉट्स को हानिकारक सामग्री खोजने वाले उपयोगकर्ताओं के जोखिम को कम करना होगा। आत्महत्या जैसे संवेदनशील विषयों पर चैटबॉट्स को तुरंत ‘क्राइसिस इंटरवेंशन’ सेवा प्रदान करनी होगी।
कनाडा के पहचान और संस्कृति मंत्री मार्क मिलर ने कहा है कि सरकार ने सोशल मीडिया और एआई चैटबॉट्स को सुरक्षित बनाने के लिए यह कदम उठाया है। उनके अनुसार, ब्रिटिश कोलंबिया के टैम्बलर रिज स्कूल में हुई दुखद घटना के 18 वर्षीय संदिग्ध के खाते में मिला हिंसात्मक सामग्री कंपनी के अंदर ही फ्लैग कर दी गई थी, लेकिन कंपनी ने पुलिस को इस बात की सूचना नहीं दी, जिसे मंत्री मिलर ने गंभीर मानवीय गलती बताया।
ध्यान देने योग्य है कि यह प्रस्तावित कानून व्हाट्सएप या सिग्नल जैसे निजी मैसेजिंग एप्स पर लागू नहीं होगा। हालांकि, इस बिल को लेकर शिक्षाविदों और कानूनी विशेषज्ञों ने असंतोष जताया है। उनका कहना है कि इस कानून में कमजोरियां (लूपहोल्स) हैं और इसे पूरी तरह लागू होने में लंबा समय लगेगा। टोरंटो विश्वविद्यालय के सह-अध्यापक इवान लाइट ने इस कानून की व्यावहारिक उपयोगिता पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि इंटरनेट प्रतिबंधों को वीपीएन के ज़रिए आसान से चकमा दिया जा सकता है।
इस कानून को लेकर तकनीकी कंपनियों के भी विभिन्न विचार सामने आए हैं। मेटा के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने को नकारात्मक बताया, जबकि गूगल ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार के साथ सहयोग का संकल्प जाहिर किया। टिकटॉक ने बताया कि उनके प्लेटफॉर्म पर पहले से सुरक्षा सेटिंग्स मौजूद हैं और अभिभावक ‘फैमिली पेयरिंग’ के माध्यम से इन्हें नियंत्रित कर सकते हैं। ओपनएआई ने भी कनाडाई अधिकारियों को समय पर सूचना न देने के लिए माफी मांगी है।
