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लाम्पाटामा सुरक्षा केन्द्र की स्थापना, विवाद समाधान के लिए पहल

बाजुरा और हुम्ला के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए बाजुरा के हिमाली गाउँपालिका ३ लाम्पाटामा नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस की संयुक्त अस्थायी सुरक्षा केंद्र स्थापित की गई है। गत जेठ ५ तारीख को रानीसैन क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गए धनगढी के नगर प्रमुख गोपाल हमाल और उनकी टीम पर हुम्ला के स्थानीय लोगों ने हमला किया था और उनका दुर्व्यवहार किया था। लाम्पाटा में स्थानीय लोगों के साथ मारपीट और बंधक बनाने की घटना में संलिप्त होने के बावजूद हुम्ला के २३ लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।

बाजुरा के हिमाली गाउँपालिका ३ लाम्पाटामा सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस की संयुक्त अस्थायी सुरक्षा केंद्र स्थापित की गई है। बाजुरा और हुम्ला के बीच उत्पन्न विवाद के कारण अशांति बनी हिमाली गाउँपालिका–३ लाम्पाटामा यह सुरक्षा केंद्र लगाया गया है। लाम्पाटा क्षेत्र बाजुरा के मुख्यालय मार्तडी से कम से कम तीन दिनों की दूरी पर स्थित है। इससे पूर्व जेठ २७ को मार्तडी से निकली सुरक्षा टीम तीन दिन बाद शनिवार को वहां पहुंची।

लाम्पाटामा सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकार ने अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित करनी शुरू की थी, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ था। हाल के दिनों में विवाद बढ़ने पर सरकार ने सुरक्षा के लिए संयुक्त अस्थायी सुरक्षा केंद्र बनाने का निर्णय लिया है। कुछ दिन पहले हुम्ला के निवासियों ने बाजुरा के भोटे समुदाय पर हमला किया था, जिसमें मारपीट के साथ-साथ उनके गोठ को आग लगाने की घटना भी सामने आई थी।

इसके बाद केंद्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में विवाद क्षेत्र में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की संयुक्त केंद्रीय सुरक्षा केंद्र स्थापना का निर्णय लिया गया था। इस निर्णय के अनुसार दोनों सुरक्षा निकाय संयुक्त रूप से विवादित क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समन्वय बनाए रखने के साथ स्थिति नियंत्रण में लाने की तैयारी कर रहे हैं। लाम्पाटामा स्थापित इस संयुक्त अस्थायी सुरक्षा केंद्र में सशस्त्र पुलिस बल के प्रहरी निरीक्षक जनक पौडेल के कमांड में २१ सदस्यीय टीम और नेपाल पुलिस के प्रहरी सहायक निरीक्षक मिठ्ठु बहादुर बोहरा के कमांड में ७ सदस्यों सहित कुल २८ सदस्यों की टीम तैनात है, जिसकी जानकारी प्रमुख जिल्ला अधिकारी डोरेन्द्र निरौलाले दी है।