कांग्रेस नेता सिटौलाले पार्टी के आंतरिक विवाद के समाधान के लिए नेतृत्व से आग्रह किया
नेपाली कांग्रेस के नेता कृष्णप्रसाद सिटौलाले पार्टी के अंदर के आंतरिक कलह और महाधिवेशन की अनिश्चितता को शीघ्र सुलझाने के लिए नेतृत्व से आग्रह किया है। उन्होंने पार्टी के भीतर अपने ही साथियों के साथ व्यवहार को निंदाजनक और अमानवीय बताया। देश के लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था संकट में होने के समय कांग्रेस को मजबूत बनाने पर जोर दिया। 31 जेठ, विराटनगर।
सिटौलाले पार्टी विवाद को हल करने के लिए नेतृत्व को साहस दिखाने का आह्वान किया और अनावश्यक ‘नाटक’ बंद करने की भी मांग की। विराटनगर में कांग्रेस के एक अन्य समूह के कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने पार्टी के विशेष महाधिवेशन या नियमित प्रक्रिया में हो रही देरी पर असंतोष जताया। ‘विवाद से मत डरिए, 10 मिनट में मामला सुलझ जाएगा। यह साहस आपके दिल से आना चाहिए,’ उन्होंने सभापति थापालाई संकेत करते हुए कहा।
सिटौलाले पिछले 9वें से 14वें महाधिवेशन के उदाहरणों को याद करते हुए इसी आधार पर आगामी महाधिवेशन संपन्न करने की अपील की। पार्टी नेतृत्व और पदाधिकारियों से सवाल करते हुए उन्होंने कहा, ‘जो भी निर्णय लेना हो, समय पर और एक साथ लें।’ ‘हम लोकतंत्रवादी हैं और हम में मानवता होनी चाहिए,’ सिटौलाले कहा, ‘शत्रु पक्ष के साथ तो ऐसा व्यवहार नहीं किया जाता, लेकिन अपने ही साथियों के साथ ऐसा अमानवीय और निंदनीय व्यवहार होना ठीक नहीं है। किसी भी अपराधी के साथ भी कानूनी प्रक्रिया (ड्यू प्रोसेस ऑफ लॉ) का पालन आवश्यक होता है, लेकिन पार्टी के अंदर जो कुछ कल हुआ वह असामान्य और अमानवीय था।’
देश के लोकतंत्र और संवैधानिक प्रणाली संकट में होने के समय कांग्रेस को आंतरिक विवाद शीघ्र सुलझाकर मजबूत बनना होगा, उन्होंने कहा। सिटौलाले पार्टी कार्यालय में मौजूद नेतृत्व समुदाय से व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर एकता का निर्णय लेने और महाधिवेशन प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर विवाद समाधान में संस्थापन पक्ष की भूमिका जिम्मेदार होकर आगे बढ़ना जरूरी है और यह संकट समाधान का मुख्य मार्ग है।
