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अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले: बजट से शुरू होगी युवाओं के लिए विदेश जाने की आवश्यकता समाप्त करने की व्यवस्था

अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने आगामी पाँच वर्षों के भीतर युवाओं को विदेश जाने की बाध्यता समाप्त करने का भरोसा जताया है। Kathmandu में आयोजित राष्ट्रीय युवा उद्यमशीलता सम्मेलन में उन्होंने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष के बजट के माध्यम से युवाओं को देश में ही रोजगार और शिक्षा के पर्याप्त अवसर प्रदान करने की नई पहल शुरू की जाएगी। 31 जेठ, Kathmandu।

डॉ. वाग्ले ने कहा कि सरकार ने युवाओं के सपने पूरे करने के लिए विदेश रोजगार की आवश्यकता समाप्त करने के लिए बजट के जरिये प्रतिबद्धता जताई है। रविवार को संपन्न राष्ट्रीय युवा उद्यमशीलता सम्मेलन 2083 में उन्होंने बताया कि यह पहल अगले वर्ष के बजट से आरंभ होकर पाँच वर्षों में निर्णायक सफलता प्राप्त करेगी।

“पिछले 15-20 वर्षों से देश के युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए विदेश जाना पड़ता रहा है,” अर्थमंत्री वाग्ले ने कहा, “अब ऐसी स्थिति न हो इसलिए हमने बजट के माध्यम से इसकी आधारशिला रखनी शुरू कर दी है। इसके विस्तृत जानकारी के लिए बजट का अध्ययन आवश्यक है और सफल क्रियान्वयन इस मार्ग को सुनिश्चित करेगा।”

देशभर के युवा उद्यमियों को संबोधित करते हुए अर्थमंत्री वाग्ले ने कहा कि कर में राहत, कर बकाया समस्याओं से जूझ रहे उद्यमियों तथा व्यवसायियों के लिए छूट, साथ ही सरकारी प्रशासन का डिजिटलीकरण और सुशासन कार्यक्रम नई रचनात्मक राह खोलेगा। उन्होंने कहा, 1 लाख रुपये तक की आय करने वाले युवाओं को कर से पूर्णतः मुक्त किया गया है। साथ ही कर समस्याओं में फंसे उद्योगपतियों और व्यवसायियों के लिए बजट में राहत के साथ नई शुरुआत का भी घोषणा की गई है, जिसका लाभ उठाने के लिए सभी से आग्रह किया। बजट निर्माण में युवाओं की उद्यमशील सोच और योजना विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है और उसी के अनुसार कार्यक्रम भी घोषित किए गए हैं।