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हिरा एवं बहुमूल्य पत्थरों पर वैट हटाने की मांग संघ की

नेपाल रत्न एवं आभूषण संघ ने हिरा और बहुमूल्य पत्थरों पर लगाए गए मूल्य अभिवृद्धि कर (वैट) को हटाने की सरकार से मांग की है। संघ के अध्यक्ष सुमनमान ताम्राकार के अनुसार, वैट के कारण हिरा भारत की तुलना में 12 प्रतिशत महंगा होने से नेपाली व्यवसाय संकट में है। उन्होंने कहा, “वैट के कारण भारत की तुलना में नेपाल में हिरा और बहुमूल्य पत्थर 12 प्रतिशत अधिक महंगे हो गए हैं, जिससे नेपाली ग्राहक ये वस्तुएं खरीदने के लिए भारतीय बाजार की ओर रुख करने लगे हैं।”

संघ ने बताया कि चालू आर्थिक वर्ष के बजट में वैट लागू होने के बाद इन वस्तुओं का व्यवसाय ठप्प हो गया है। ताम्राकार ने बताया कि अनधिकृत तरीके से भारत से हिरा और बहुमूल्य पत्थर लाने में बड़े लाभ होने के कारण तस्करी बढ़ी है। उन्होंने कहा, “वैट लगने के बाद सरकार को राजस्व ज़रूर अधिक मिला है, लेकिन हजारों व्यवसायियों और लाखों मजदूरों की रोज़ी-रोटी खतरे में है।”

जबकि सुन का मूल्य प्रति तोला लगभग तीन लाख रुपए है, क्यूआर कोड के माध्यम से दैनिक भुगतान सीमा मात्र तीन लाख रुपए अपर्याप्त है, यह ताम्राकार ने बताया। उन्होंने कहा कि सुन आयात में कोटा प्रणाली को समाप्त कर निजी क्षेत्र को स्वतंत्र बनाया जाना चाहिए। संघ ने अर्जित विदेशी मुद्रा जमा करने के लिए आभूषण व्यवसायियों को बैंक में विदेशी मुद्रा खाते खोलने की अनुमति देने की भी मांग की है।