अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष समाप्त करने पर सहमति हुई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शांति समझौते के पूरा होने की जानकारी दी है। उनके अनुसार लेबनान सहित सभी मोर्चों पर जारी सैन्य कार्रवाइयों को समाप्त करने का समझौता हुआ है। ईरान के उप विदेश मंत्री ने भी समझौते के प्रारूप में सहमति होने की पुष्टि की है। शहबाज शरीफ के अनुसार, इस समझौते पर आगामी शुक्रवार स्विट्जरलैंड में औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे।
समझौते में शामिल विषय वस्तु अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई हैं। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते पर हस्ताक्षर के बाद कहा है कि “तेल की आपूर्ति पुनः शुरू होगी”। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ का उपयोग स्थायी रूप से निशुल्क होगा। युद्ध समाप्ति की सहमति के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें गिर गई हैं। ईरान के उप विदेश मंत्री के अनुसार, समझौते के प्रारूप को अंतिम रूप देने के लिए क़तर का प्रतिनिधिमंडल रविवार को तेहरान पहुंचा था।
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार करीब 14 से 15 घंटे की लंबी चर्चा के बाद इस्लामाबाद में तैयार किया गया प्रारूप अंतिम रूप दिया गया। अंतिम समझौते के लिए 60 दिनों के भीतर वार्ता आयोजित किया जाएगा। ईरानी मीडिया के अनुसार, अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाई गई समुद्री नाकेबंदी 30 दिनों के भीतर समाप्त करने पर सहमति हुई है। ट्रंप ने कहा है कि हॉर्मुज़ जल मार्ग पर “कभी भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा” और इस बारे में ईरान के साथ समझौता किया जाएगा।
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर व्यापक हमला शुरू किया था। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों पर हमले किए और दुनिया के लिए महत्वपूर्ण तेल और प्राकृतिक गैस परिवहन मार्ग हॉर्मुज़ जल मार्ग को बंद कर दिया था। सहमति के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत लगभग 4 प्रतिशत गिर गई है। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले अप्रैल में दो सप्ताह के लिए युद्धविराम हुआ था। दोनों पक्षों ने उसे जारी रखा था, लेकिन हाल के समय में चुनिंदा हमले होते रहे थे।
