इरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते को लेकर ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया है। ई-4 समूह ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत खोलने और बिना किसी शर्त के जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उन्होंने इस समझौते को क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक आर्थिक प्रणाली को संतुलित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया है।
१ असार, काठमाडौं। इरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते के करीब आने पर ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं ने संयुक्त रूप से एक बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने अमेरिकी, ईरानी और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर ‘अवसर का पूर्ण उपयोग करने के लिए’ काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। ई-4 के नाम से जाने जाने वाले इन देशों ने कहा, ‘हम इस कूटनीतिक सफलता पर अमेरिका, ईरानी सरकार और सभी सहभागी पक्षों को बधाई देते हैं, जिनमें पाकिस्तान, कतर और अन्य सभी मध्यस्थ शामिल हैं।’
नेताओं का मानना है कि यह शांति समझौता क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और वैश्विक अर्थव्यवस्था को संतुलित करने में मदद करेगा। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली ने समझौते से संबंधित कार्यों को शीघ्र और पूरी तरह से लागू करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत खोलना चाहिए और बिना किसी शर्त या प्रतिबंध के जहाजों तथा जल परिवहन की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करनी चाहिए।’ नेताओं ने लेबनान की ‘स्थिरता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता’ के पक्ष में अपना समर्थन दोबारा व्यक्त किया है।
