२ असार, काठमाडौं। पूर्वमंत्री एवं नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) की नेता रेखा शर्माले संविधान संशोधन से पहले संविधान का समग्र पुनरावलोकन करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। मंगलवार को राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने संविधान संशोधन के एजेंडा तय करने से पहले पूरे संविधान की पुनरावलोकन करना आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन के विषय में अध्ययन के लिए सभी राजनीतिक दलों ने कार्यदल बनाए हैं, लेकिन संविधान पुनरावलोकन विषय में खास रुचि नहीं दिखाई गई है।
उन्होंने तत्कालीन संविधान सभा में अपनी पार्टी द्वारा निर्वाचन प्रणाली, शासन व्यवस्था, और लैंगिक भेदभाव से संबंधित आपत्तियाँ उठाने की बात याद करते हुए कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों ने संविधान पुनरावलोकन की आवश्यकता को और स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार को संविधान संशोधन के लिए दलों के साथ और संवाद करना चाहिए।
हाल ही में सम्पन्न प्रतिनिधिसभा चुनाव में दलों ने अपने घोषणापत्रों में संविधान समीक्षा और संशोधन का समावेश किया था तथा कांग्रेस–एमाले गठबंधन सरकार गठन के समय भी संविधान संशोधन प्रमुख एजेंडा था, यह उन्होंने याद दिलाया। नेकपा द्वारा गठित संविधान संशोधन कार्यदल संशोधन योग्य विषयों का अध्ययन कर रहा है और आवश्यक सुझाव सरकार को दे रहा है, यह भी उन्होंने बताया।
उन्होंने कहा, ‘संविधान के किन-किन विषयों में संशोधन करना चाहिए यह एजेंडा तय करने से पहले संविधान का समग्र पुनरावलोकन जरूरी है, जो वर्तमान में नहीं हो रहा है। हमारी पार्टी कई अन्य पार्टियों के साथ मिलकर बनी है। मैं तत्कालीन संविधान सभा की सदस्य भी रही हूँ, तब से ही हमने निर्वाचन प्रणाली, शासन स्वरूप और लैंगिक भेदभाव संबंधी विषयों में असहमति व्यक्त की है। तब की स्थिति और अब की परिस्थितियाँ अलग हैं।’
उन्होंने आगे कहा, ‘हमने पार्टी के वरिष्ठ नेता देव गुरुङ के नेतृत्व में संविधान संशोधन कार्यदल बनाया है। उनके नेतृत्व में कार्यदल संविधान के किन-किन पक्षों में संशोधन किया जा सकता है इसका अध्ययन कर रहा है और सरकार को आवश्यक सुझाव दे रहा है। हमारी पार्टी की धारणा है कि संविधान के संशोधन योग्य विषयों में संशोधन जरूरी है।’
