३ असार, विराटनगर। भारतीय पक्ष द्वारा नेपाली चाय के निर्यात में अवरोध उत्पन्न करने के बाद नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ, कोशी प्रदेश ने सरकार से उक्त अवरोध हटाने का आग्रह किया है। भारतीय पक्ष के कारण नेपाली चाय का निर्यात ठप हो गया है, जिससे इलाम के ५३ चाय उद्योग १ असार से बंद हो गए हैं। झापा के ३२ उद्योगपतियों ने भी गुरुवार से चाय उद्योग बंद करने का ऐलान किया है। निकासी में आ रहे इन अवरोधों के कारण चाय उद्योग संकट में है, इसलिए महासंघ ने निर्यात पुनः शुरू करने के लिए उच्चस्तरीय कूटनीतिक पहल करने की सरकार से मांग की है।
नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ, कोशी प्रदेश के अध्यक्ष राजेन्द्र राउत ने नेपाली चाय उद्योग, किसान और श्रमिकों के हितों की रक्षा हेतु निर्यात के लिए अनुकूल माहौल बनाने में सरकार को देर न करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा, ‘चाय उद्योग विदेशी मुद्रा अर्जन, पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारतीय पक्ष द्वारा लागू किए गए नए नियमों के कारण बड़ी मात्रा में तैयार चाय सीमा पर रोकी जा रही है, जिससे उद्योगों में स्टॉक बढ़ा है और नकदी प्रवाह में गंभीर समस्या उत्पन्न हुई है।’ उन्होंने बताया कि हजारों किसान, श्रमिक एवं उद्यमी इस समस्या का सीधे प्रभावित हो रहे हैं।
चाय उद्योग बंद होने से सीधे तौर पर २० हजार से अधिक श्रमिक और उनके आश्रित परिवारों की आजीविका संकट में आ गई है, यह भी राउत ने बताया। नेपाल में लगभग १० हजार हेक्टेयर भूमि पर वार्षिक २ करोड़ ७४ लाख किलोग्राम चाय उत्पादन होता है। कुल उत्पादन का बड़ा हिस्सा, यानी लगभग २ करोड़ ५६ लाख किलोग्राम चाय मुख्य रूप से भारत को निर्यात किया जाता है। लेकिन प्रमुख बाजारों में लग रहे अवरोधों के कारण चाय क्षेत्र का अस्तित्व संकट में है, उन्होंने जोर देते हुए कहा।
