समाचार सारांश
संपादकीय रूप से समीक्षा किया गया।
- खेल के अनुकूल समय न होना और सुरक्षा कड़ाई के कारण काठमांडू और सौराहा के होटल और रेस्तरां में इस बार वर्ल्ड कप फुटबॉल का उत्साह काफी कम नजर आ रहा है।
- भारतीय पर्यटकों के आने और रात्रीकालीन व्यवसाय सुविधा के कारण पोखरा के स्पोर्ट्स बार और रेस्तरां में वर्ल्ड कप फुटबॉल की चहल-पहल बढ़ी है।
- काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने बिना पूर्व अनुमति के बड़े पर्दे पर मैच दिखाने पर रोक लगा रखी है, जिससे व्यवसायी वर्ल्ड कप के लिए विशेष पैकेज नहीं ला पा रहे हैं।
५ असार, काठमांडू। नेपाल में फीफा वर्ल्ड कप फुटबॉल केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक बड़ा उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
डेढ़ महीने तक चलने वाले इस फुटबॉल टूर्नामेंट के प्रति नेपाली समर्थक बेहद उत्साही हैं। वे इतना क्रेजी होते हैं कि अकेले टीवी के सामने बैठने के बजाय दोस्तों, परिजनों और परिवार के साथ मिलकर मैच देखने में आनंद लेते हैं।
अपने पसंदीदा टीम की जर्सी पहनना, चेहरे पर झंडा पेंट करना और समर्थन करने का आनंद लेना नेपाली फैंस की सामूहिक भावना है, जिसे देखते हुए नेपाल के विभिन्न ताजे होटल, रेस्तरां, बार और सार्वजनिक स्थान विशेष माहौल तैयार करते हैं।
वर्ल्ड कप के दौरान आतिथ्य क्षेत्र फुटबॉल विषयक माहौल बनाने के लिए तेज प्रयास करता है। काठमांडू के ताजे और सुविधाजनक होटल अपने लाउंज, गार्डेन या पूलसाइड में बड़े एलईडी स्क्रीन लगाकर मिनी स्टेडियम जैसा अनुभव देते हैं।
मनोरंजन को दोगुना करने हेतु कई होटल और बड़े रेस्तरां लाइव बैंड प्रदर्शन, चियरलीडर प्रदर्शन और दर्शकों को झंडा पेंट करने की सुविधाएँ देते हैं।
खानपान में भी विशेष मेन्यू तैयार किया जाता है, जो वर्ल्ड कप के थीम पर आधारित होता है।
बार और पब में बियर की खरीद पर ‘बकेट ऑफर’ (एक खरीदो, एक मुफ्त या समूहों के लिए छूट), अनलिमिटेड स्नैक्स के साथ इन्ट्री पैकेज और बड़े समूहों के लिए विशेष वीआईपी लाउंज या टेबल आरक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं।
सजावट में रेस्तरां विभिन्न देशों के झंडे सजाते हैं और कर्मचारी रेफरी या प्रसिद्ध खिलाड़ी की जर्सी पहनकर सेवा देते हैं।
इस बार का वर्ल्ड कप अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में होने के कारण मैच मध्यरात्रि और सुबह के समय होते हैं।
काठमांडू के ताजे होटल, रेस्तरां, पब और स्पोर्ट्स बार में पिछले संस्करणों की तुलना में कम चहल-पहल देखी जा रही है।
दोस्तों के साथ बड़ी स्क्रीन पर मैच देखना, जोरदार उत्सव मनाना एक चलन था, लेकिन इस बार मुख्य शहरों के आतिथ्य स्थल अपेक्षाकृत शांत हैं, ऐसा व्यवसायी बताते हैं।
सुबह जल्दी होने वाले मैचों के लिए काठमांडू के कुछ रेस्तरां और कैफ़े ‘मॉर्निंग वॉच एक्सपीरियंस’ पैकेज चला रहे हैं जिसमें सुबह कॉफी, बेकरी और नाश्ते के साथ मैच देखने की सुविधा है, किन्तु ग्राहक कम आते हैं।

काठमांडू में उत्साह कम होने का प्रमुख कारण जिला प्रशासन कार्यालय द्वारा जारी एक नोटिस है, जिसमें बिना अनुमति के बड़े समूह में बड़ी स्क्रीन पर मैच दिखाने पर रोक लगाई गई है।
समूह में प्रत्यक्ष प्रसारण के लिए संस्था या कंपनी को पूर्व स्वीकृति लेनी होती है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, जिसके चलते व्यवसायी उत्साहित नहीं हैं।
बुद्धनगर के बागमती कॉरिडोर स्थित लोकप्रिय ‘रेल स्टेशन कैफे’ ने भी इस वर्ल्ड कप के लिए कोई विशेष कार्यक्रम नहीं रखा है।
कैफे संचालक केशव पौडेल ने बताया कि मैचों के समय उपयुक्त नहीं होने और वर्ल्ड कप के लिए कोई खास स्कीम नहीं ला पाए। ‘मैच या तो बहुत देर रात होते हैं या सुबह-सुबह, इसलिए कोई विशेष कार्यक्रम नहीं है,’ उन्होंने कहा।
हालांकि कैफे ने नियमित ‘कम्बो ऑफर’ ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराई है।
व्यापार मंदी की वजह से पहले की तुलना में कारोबार में थोड़ा गिरावट आई है, पौडेल ने बताया। ‘व्यापार तो है, लेकिन पहले जैसा नहीं,’ उन्होंने कहा, ‘आर्थिक हालत ने भी व्यापार को प्रभावित किया है।’
सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती ने भी रात में मैच दिखाने में बाधा उत्पन्न की है। रात १०:३० बजे के बाद पुलिस सख्ती करते हैं, जिससे फ़ुटबॉल प्रेमियों की सेवा देना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास बड़े पर्दे होने के बावजूद मैच नहीं दिखा पाए।’
ताजे होटलों में भी कम रौनक
छोटे होटल और रेस्तरां के अलावा बड़े और ताजे होटल में भी चहल-पहल कम है, व्यवसायी बताते हैं।
नक्साल स्थित पांचतारा होटल मैरियट काठमांडू के संचालक शशिकांत अग्रवाल ने कहा कि ज्यादातर मैच रात में होने के कारण होटल ने बाहरी ग्राहकों के लिए कोई विशेष पैकेज या कार्यक्रम नहीं बनाया है।

‘पांचतारा होटल में रात को बहुत देर तक बाहर से ग्राहक नहीं आते,’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए कोई विशेष योजना या कार्यक्रम नहीं है।’
हालांकि, होटल में रहने वाले आंतरिक और बाहरी मेहमानों के लिए हर कमरे में वर्ल्ड कप मैच देखने की व्यवस्था है, जिससे वे अपने कमरे में बैठकर मैच का आनंद ले सकते हैं।
अग्रवाल ने बताया कि फाइनल के लिए कुछ विशेष कार्यक्रम हो सकते हैं, लेकिन बाकी मैचों के लिए कोई खास योजना नहीं है।
सौराहा के होटल में भी समान स्थिति
होटल एसोसिएशन नेपाल (हान)–चितवन चैप्टर के पूर्व अध्यक्ष तथा जंगल सफारी लॉज संचालक सुमन घिमिरे ने बताया कि इस बार सौराहा के होटल वर्ल्ड कप के लिए कोई विशेष ऑफर नहीं ला पाए हैं।
‘पहले खेल शाम के समय होते थे और रेस्तरां में बड़ी स्क्रीन पर मैच दिखाकर विभिन्न ऑफर देते थे,’ उन्होंने कहा, ‘अब मैच मध्यरात्रि में होने के कारण सार्वजनिक स्थानों पर मैच देखने की स्थिति नहीं है।’
कुछ होटल और रेस्तरां ने आंतरिक तौर पर अपने मेहमानों के लिए मैच देखने की व्यवस्था की है, लेकिन वह सीमित है।
‘लॉबी या सार्वजनिक जगह में टीवी रखना और मैच दिखाना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण है।’
पहले लोग दोस्तों के साथ रेस्तरां या बार में मिलकर मैच देखते थे, अब बहुत से दर्शक अपने घर या मोबाइल पर मैच देखना पसंद करते हैं।
‘पब्लिक स्क्रीनिंग में कोई दिक्कत नहीं थी, अब कानूनी और अधिकार संबंधी विषयों के कारण आसानी नहीं है, इसलिए अधिकतर लोग घर में ही बैठकर देखना पसंद करते हैं।’
पर्यटन के ऑफ-सीजन होने के कारण सौराहा में विदेशी पर्यटक कम हैं, परन्तु आंतरिक पर्यटकों के आने से व्यापार संतोषजनक है, व्यवसायियों ने बताया।
पोखरा के रेस्तरां और बार में बढ़ी चहलपहल
पर्यटन राजधानी पोखरा में ‘इंडियन सीजन’ के कारण होटल, रेस्तरां और स्पोर्ट्स बार ज्यादा व्यस्त नजर आते हैं। भारत से गर्मी के मौसम में ठंडक का आनंद लेने पर्यटकों की अच्छी आवक है और वर्ल्ड कप युवा वर्ग को आकर्षित कर रहा है तथा रात्रीकालीन व्यवसाय को उत्साहित कर रहा है।
रेस्टोरेंट एंड बार एसोसिएशन नेपाल (रेबान)–पोखरा चैप्टर के अध्यक्ष विश्व पौडेल ने कहा कि पोखरा में भी वर्ल्ड कप फुटबॉल का प्रभाव पड़ा है। इससे स्पोर्ट्स बार, क्लब और रेस्तरां को खासतौर पर फायदा हुआ है।

‘देखा गया है कि 10:45, 12:45 और 3 बजे के मैच आसानी से लोग देख रहे हैं,’ अध्यक्ष पौडेल ने कहा। ‘स्पोर्ट्स बार में बड़ी स्क्रीन पर दोस्त मिलकर मैच देखना बढ़ा है, रेस्तरां देर रात तक खुले रहते हैं।’
युवा वर्ग की इस तरह की गतिविधियों से व्यवसाय में वृद्धि हुई है और भारतीय पर्यटकों की भी अच्छी संख्या है, उन्होंने कहा। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों, प्रशासन और पर्यटन मंत्रालय के साथ मिलकर ट्रैफिक और कमरे की व्यवस्थाएँ भी की हैं।
पोखरा होते हुए उत्तरी हिमालयी क्षेत्र, मुक्तिनाथ और अपर मुस्तांग जाने वाले युवाओं की संख्या बढ़ने से पर्यटकों को आवश्यक जानकारी और प्रबंधन भी किया जा रहा है, उन्होंने बताया।
पहले जैसा व्यापक नहीं : होटल एसोसिएशन
होटल एसोसिएशन नेपाल के अध्यक्ष विनायक शाह ने बताया कि इस बार होटल और रेस्तरां में वर्ल्ड कप के लिए सीमित ऑफर ही मौजूद हैं और पहले जितने व्यापक नहीं हैं।
उनके अनुसार कुछ व्यवसायी ने सीमित पैकेज बनाए हैं, पर व्यापक रूप से फैल नहीं पाए हैं।

समय के अनुकूल न होने और देर रात तक खुलना मुश्किल होने से छोटे और मध्यम वर्ग के रेस्तरां और बार बड़े वर्ल्ड कप ऑफर नहीं ला पाए हैं।
छोटे खुले रेस्तरां से लेकर बड़े ताजे होटल तक सुरक्षा और समय की बाधाओं के कारण ऑफर लाने में कठिनाई रही है, अध्यक्ष शाह ने बताया।
‘ताजे होटल में सुरक्षा कड़ी होती है, इसलिए वहां अंदर मैच दिखाना बेहतर होता है ताकि बाहर शांति बनी रहे।’
फीफा वर्ल्ड कप के बावजूद रात के समय और सुरक्षा संबंधित संवेदनशीलता के कारण नेपाल के आतिथ्य क्षेत्र में इस बार ऑफर सीमित और निश्चित दायरे में ही रह गए हैं, व्यवसायी बताते हैं।
