देवनगर में ‘टाइगर संरक्षण केंद्र’ निर्माण योजना, मंत्री चौधरी ने स्थलगत निरीक्षण किया
८ असार, काठमाडौं। कृषि, वन तथा वातावरण मंत्री गिता चौधरी ने चितवन राष्ट्रीय उद्यान एवं उसके आसपास के क्षेत्रों का स्थलगत अवलोकन करते हुए मानव–वन्यजीव विवाद प्रबंधन और जैविक विविधता संरक्षण में सरकार की गंभीरता व्यक्त की है। राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के महाधिवेशन के दौरान चितवन पहुंची मंत्री चौधरी ने पार्क के विभिन्न संरक्षण केंद्रों, प्रस्तावित योजनाओं और अनुसंधान प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने भ्रमण के दौरान देवनगर में प्रस्तावित ‘टाइगर संरक्षण केंद्र’ निर्माण स्थल का भी अवलोकन किया।
देशभर से बचाए गए लगभग बारह से अधिक समस्याग्रस्त बाघों को पिंजरे में रखने पर जो उच्च लागत और चुनौतियाँ आती हैं, उसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने देवनगर के करीब ५० हेक्टेयर क्षेत्र में ‘टाइगर संरक्षण केंद्र’ बनाने की योजना बनाई है। मंत्री चौधरी ने कहा कि सरकार मानव और वन्यजीव के सहअस्तित्व के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, ‘मानव और वन्यजीव के बीच संघर्ष को कम करते हुए सहअस्तित्व बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। देवनगर में टाइगर संरक्षण केंद्र बनने से संकीर्ण पिंजरे में कैद समस्याग्रस्त और घायल बाघों को प्राकृतिक वातावरण मिलेगा, साथ ही यह चितवन के पर्यटक क्षेत्र में नई दिशा और बड़ा योगदान देगा।’
इस हेतु आवश्यक मास्टर प्लान और बजट संबंधी विषयों पर उन्होंने उद्यान प्रशासन के साथ विस्तार से चर्चा की। मंत्री चौधरी ने खोरसोर स्थित हाथी प्रजनन केंद्र और उद्यान कार्यालय परिसर में स्थित घड़ियाल प्रजनन केंद्र का भी निरीक्षण किया। स्थापित हुए ३३ वर्षों में ६८ शावकों के जन्म के साथ हाथी संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे खोरसोर केंद्र में माता और शावकों के स्वास्थ्य, आहार व्यवस्था और कार्यक्षेत्र की चुनौतियों पर मंत्री ने अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। मंत्री चौधरी ने बताया कि घड़ियाल संरक्षण और उनकी संख्या वृद्धि की योजना नदी तट के पारिस्थितिक तंत्र के सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मंत्री चौधरी ने कृष्णसार के सुरक्षित आवास सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए। उन्होंने टिकौली में स्थित सशस्त्र वनरक्षक प्रशिक्षण केंद्र की क्षमतावृद्धि, भौतिक पूर्वाधार निर्माण तथा वन्यजीव अपराध नियंत्रण के लिए प्रशिक्षण के आधुनिकीकरण पर जोर दिया। मंत्री चौधरी ने राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण कोष (एनटीएनसी) के अत्याधुनिक वन्यजीव ‘जेनोमिक लैब’ का भी दौरा किया। भ्रमण दल में चितवन राष्ट्रीय उद्यान के प्रमुख संरक्षण अधिकारी (चिफ वार्डन), चितवन के डिविजन वन कार्यालय के प्रमुख और राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण कोष के सदस्य सचिव सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। स्थानीय समुदाय के साथ संवाद में मंत्री चौधरी ने मानव–वन्यजीव विवाद को कम करने के लिए राहत, बचाव और दीर्घकालीन पूर्वाधार निर्माण कार्य को सरकार की प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
