समूह चरण में बराबरी अंक होने पर क्या होता है? टीमें नकआउट चरण में कैसे प्रवेश करती हैं?
इस बार टीमों की संख्या और मुकाबलों की बढ़ोतरी के साथ प्रारूप में हुए कुछ बदलावों ने विश्व कप की उत्सुकता और रोमांच को और बढ़ा दिया है। ९ असार, काठमांडू। संयुक्त रूप से उत्तर अमेरिका के तीन देशों में आयोजित होने वाले फीफा विश्व कप २०२६ के समूह चरण के मैच अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रहे हैं। मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक सभी भाग लेने वाली टीमें कम से कम दो मैच खेल चुकी होंगी। टीमों और मैचों की संख्या दोनों में वृद्धि के साथ प्रतियोगिता के प्रारूप में कुछ खास बदलाव हुए हैं, जिससे विश्व कप में उत्साह और दिलचस्पी और बढ़ गई है। समूह चरण के दो मैचों के बाद कुछ टीमें समूह विजेता बनने, जबकि कुछ समूह चरण से बाहर होने की स्थिति में पहुंच चुकी हैं।
अब तक का सबसे बड़ा फीफा विश्व कप जिसमें ४८ टीमें हिस्सा ले रही हैं। टीमों की संख्या ३२ से बढ़कर ४८ हो जाने के कारण प्रतियोगिता के प्रारूप में भी महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। इससे समूह चरण में बराबरी अंक होने पर किस टीम को आगे बढ़ाया जाएगा, इस नियम में नए संशोधन किए गए हैं। टीमों की संख्या बढ़ने के साथ समूहों की संख्या भी बढ़ी है और मैचों का भी विस्तार हुआ है। टीमों की बढ़ोतरी के कारण नए नकआउट चरण ‘राउंड ऑफ ३२’ को शामिल किया गया है। विश्व कप में प्रतिस्पर्धा करने वाली ४८ टीमों में से ३२ नकआउट चरण में प्रवेश करेंगी, जबकि १६ टीमें समूह चरण में ही बाहर हो जाएंगी। अब समूह में शीर्ष दो स्थान हासिल न करने वाली टीमें भी नकआउट चरण में प्रवेश का मौका पाती हैं।
समूह चरण के बाद १२ समूह विजेता और १२ उपविजेता यानी कुल २४ टीमें सीधे नकआउट चरण में पहुंचेंगी। इसके अलावा समूह में तीसरे स्थान पर रहने वाली १२ टीमों में से ८ सर्वश्रेष्ठ टीमें भी नकआउट चरण में जगह बनाएंगी। अंतिम बार यह व्यवस्था १९९४ में अमेरिका में आयोजित विश्व कप में थी। ३२ साल बाद फिर से अमेरिका में हो रहे विश्व कप में तीसरे स्थान वाली टीमों को भी नकआउट चरण में प्रवेश का अवसर मिला है। गोल अंतर के स्थान पर हेड टू हेड नियम लागू करने के फैसले के तहत, फीफा जो विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था है, इस बार विश्व कप में दो या उससे अधिक टीमें बराबरी पर हों तो हेड टू हेड परिणाम को प्राथमिकता देगा।
पहले समूह में दो टीमें बराबर अंकों पर होने पर गोल अंतर को आधार माना जाता था, लेकिन इस बार सबसे पहली प्राथमिकता हेड टू हेड परिणाम की होगी। इस कारण समूह चरण में लगातार दो मैच जीतने वाली टीमें समूह विजेता बनने की स्थिति में आ गई हैं। सहआयोजक मेक्सिको और अमेरिका दोनों ने दो-दो मैच जीतते हुए अपने-अपने समूह की शीर्ष टीम बनकर नकआउट चरण में प्रवेश कर लिया है। इसी तरह जर्मनी और पूर्व विजेता अर्जेंटीना ने भी दो मैच जीतकर अन्य मैचों के नतीजे अपने पक्ष में आने पर समूह विजेता बनने में सफलता पाई है। नए नियम के तहत लगातार दो मैच हारने वाली हाइती, टर्की, जॉर्डन, ट्यूनिशिया जैसी टीमें समूह चरण से बाहर होना तय है।
