वर्तमान में गर्मी का मौसम चल रहा है। गर्मी से राहत पाने के लिए शरीर को ठंडा रखने वाले खाद्य पदार्थों और विभिन्न उपायों को अपनाया जाता है। इस दौरान आमतौर पर हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन प्राथमिकता में होता है। लेकिन कुछ लोग मौसम के अनुसार भोजन बदलने के बजाय अपनी पसंदीदा चीजों से पीछे नहीं हटते। चाहे गर्मी हो, सर्दी हो या वर्षा ऋतु, कई लोग मांसाहारी भोजन छोड़ते नहीं हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के समय मांसाहारी भोजन, विशेषकर चिकन और मटन के सेवन में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। चिकन और मटन में प्रोटीन और वसा की मात्रा अधिक होती है, जिस कारण इन्हें पचाने के लिए शरीर को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्मी के दिन में चिकन और मटन का सेवन स्वास्थ्य की दृष्टि से उचित नहीं है।
इससे कौन-कौन सी समस्याएं हो सकती हैं? 1. शरीर का तापमान बढ़ना: जब हम चिकन या मटन जैसे उच्च प्रोटीन युक्त भोजन खाते हैं, तो शरीर में ‘थर्मोजेनेसिस’ प्रक्रिया सक्रिय हो जाती है। प्रोटीन को पचाने में कार्बोहाइड्रेट और वसा की तुलना में अधिक ऊर्जा खर्च होती है, जिससे शरीर के अंदर तापमान बढ़ जाता है। दिन में चिकन या मटन खाने से शरीर का तापमान अचानक बढ़ सकता है, जिससे अधिक पसीना आना, बेचैनी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 2. पाचन में समस्या: विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी में दिन के समय मेटाबोलिज्म सामान्य से कम सक्रिय होता है। मटन जैसे लाल मांस में सैचुरेटेड फैट अधिक होता है, जो पचने में अधिक समय लेता है। लाल मांस को गर्मी में खाने से पेट भारीपन, एसिडिटी, पेट फूलना और अपच जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। 3. निर्जलीकरण का खतरा: चिकन और मटन को पचाने के लिए अधिक मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। मेटाबोलिज्म बढ़ने और शरीर के तापमान वृद्धि से पानी की कमी हो सकती है। यदि दिन में मांसाहारी भोजन के साथ पर्याप्त जल नहीं लिया गया तो निर्जलीकरण के लक्षण जैसे चक्कर आना, कमजोरी और मूत्र संक्रमण की संभावना हो सकती है।
क्या करें? यदि आप मांसाहारी भोजन पसंद करते हैं तो गर्मी के मौसम में सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले शाम को मांसाहारी भोजन करना उचित होगा। मांस बनाने में ज्यादा मसाले और तेल का उपयोग न करें। दिन के समय हल्का ग्रिल किया हुआ चिकन या चिकन सूप सेवन किया जा सकता है। लेकिन बकरी जैसे लाल मांस को दिन में खाने से बचना सर्वोत्तम माना जाता है।
