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फ्रांस और नॉर्वे समूह विजेता बनने के लिए मुकाबले में, सेनेगल और इराक नॉकआउट के लिए जूझ रहे हैं

१२ असार, काठमाडौं। फिफा विश्वकप २०२६ के समूह ‘आई’ के अंतर्गत आज दो रोमांचक और रणनीतिक फुटबॉल मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं। पहले बड़े मैच में यूरोप की दो फुटबॉल महाशक्तियां फ्रांस और नॉर्वे समूह विजेता बनने के लिए आमने-सामने होंगी। कोच डिडिएर डेसच्याम्प के नेतृत्व वाली फ्रांस और प्रीमियर लीग के सुपरस्टार्स से सुसज्जित नॉर्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खुद को उपाधि के दावेदार के रूप में स्थापित कर लिया है। दूसरी ओर, इसी समूह का दूसरा मुकाबला अफ्रीका की सेनेगल और एशिया की इराक के बीच होगा, जो नॉकआउट चरण में पहुंचने के लिए ‘अभी या कभी नहीं’ की स्थिति में हैं। सेनेगल की तुलना में इराक के क्वालीफाई करने की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन दोनों टीमें अभी बाहर नहीं हुई हैं और इस मैच के विजेता के लिए नॉकआउट राउंड में पहुंचने का एक छोटा रास्ता खुल सकता है। फ्रांस और नॉर्वे की चुनौतीपूर्ण टक्कर के बाद सेनेगल और इराक के लिए यह मैच फाइनल जैसा महत्व रखता है।

फ्रांस बनाम नॉर्वे
फ्रांस और नॉर्वे के बीच अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में लंबा इतिहास रहा है। ये दोनों टीमें अब तक १५ बार आमने-सामने आई हैं, जिनमें फ्रांस ने ८ मैच जीते हैं, नॉर्वे ने ४ मैच जीते हैं और ३ मैच ड्रॉ रहे हैं। विश्वकप के बड़े मंच पर इन दोनों टीमों की टक्कर दुर्लभ होती है। वर्तमान नॉर्वे टीम को इतिहास की सबसे मजबूत आक्रामक टीम माना जाता है, जो फ्रांस की विश्वस्तरीय रक्षात्मक प्रणाली के लिए बड़ी चुनौती साबित होगी।

ध्यान देने वाले खिलाड़ी
किलियन एम्बापे (फ्रांस – स्ट्राइकर): फ्रांस के कप्तान और मुख्य गोलकर्ता एम्बापे की गति और फिनिशिंग क्षमता नॉर्वे की रक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। माइकल ओलिसे (फ्रांस – मिडफील्डर): बायर्न म्यूनिख के यह विस्फोटक सितारे फ्रांस के आक्रमण में रचनात्मकता और एम्बापे को सहायता देने वाले मुख्य खिलाड़ी हैं। एर्लिंग हालैंड (नॉर्वे – स्ट्राइकर): मैनचेस्टर सिटी के गोलकर्ता हालैंड नॉर्वे के आक्रमण की प्रमुख ताकत हैं, जो फ्रांस की शारीरिक रूप से मजबूत रक्षा को समय-समय पर तोड़ने में सक्षम हैं।

सेनेगल बनाम इराक
सेनेगल और इराक के बीच फुटबॉल इतिहास में अब तक कोई आधिकारिक या मैत्रीपूर्ण मैच नहीं खेला गया है। विश्वकप में पहली बार जब ये दोनों टीमें आमने-सामने होंगी, तो वे एक नया इतिहास रचने की कोशिश में होंगे। सेनेगल को विश्वकप में एशियाई टीमों के खिलाफ खेलने का अच्छा अनुभव है, जबकि इराक के लिए अफ्रीकी खेल शैली, जिसमें शारीरिक मजबूती और तेज गति शामिल है, नई रणनीतिक चुनौती होगी।

ध्यान देने वाले खिलाड़ी
सादियो माने (सेनेगल – फारवर्ड): सेनेगल के प्रमुख सितारे माने राष्ट्रीय टीम के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जिनका अनुभव और आक्रामक नेतृत्व इस दबावपूर्ण मैच में निर्णायक होगा। कालिदो कुलिबाली (सेनेगल – डिफेंडर): कप्तान कुलिबाली सेनेगल की रक्षा को मजबूत बनाएंगे और इराक के ऊंचे फारवर्ड्स को काबू में रखने की जिम्मेदारी निभाएंगे। आयमेन हुसैन (इराक – स्ट्राइकर): इराक के प्रमुख गोलकर्ता हुसैन अपनी शारीरिक ताकत और हवाई खेल कौशल (एरियल एबिलिटी) के लिए जाने जाते हैं, जो सेट-पिस स्थितियों में हेडर के जरिए गोल करने में माहिर हैं।