आज १५ असार, राष्ट्रीय धान दिवस “जलवायु-मित्र प्रौद्योगिकी, धान में आत्मनिर्भरता और समृद्धि” के मूल नारे के साथ पूरे देश में उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, नेपाल के ४१ लाख ३१ हजार households में से २७ लाख ६५ हजार धान की खेती में लगे हुए हैं। असार के मध्य तक पर्याप्त वर्षा न होने और रासायनिक उर्वरक की कमी के कारण कई किसानों ने समय पर रोपाई नहीं कर पाए हैं।
काठमांडू के टोखा क्षेत्र में भी किसान धान की रोपाई में व्यस्त हैं। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी खेत में लेकर जाकर रोपाई कराई जा रही है। विद्यार्थी धान के पौधे लगाकर खुशी से खेलते नजर आ रहे हैं। नेपाल में अब तक १४० से अधिक धान की जातें विकसित की जा चुकी हैं।
कृषि विभाग के अनुसार, कुल खेत योग्य भूमि का ५४ प्रतिशत क्षेत्रफल धान की खेती के लिए उपयोग में लाया जाता है। वित्तीय वर्ष २०७८/७९ में १४ लाख २० हजार हेक्टेयर में धान की खेती की गई और ५९ लाख ५५ हजार मैट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ था। लेकिन इस वर्ष असार के मध्य तक वर्षा की कमी के कारण धान की रोपाई कई जगहों पर नहीं हो पाई है। वर्षा की कमी और रासायनिक उर्वरक की अभाव से किसानों को आर्थिक और कृषि क्षेत्र में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
