१७ असार, नई दिल्ली। भारत की राजधानी दिल्ली ने वायु प्रदूषण नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए नई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति जारी की है। वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या को देखते हुए दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए आकर्षक कर छूट और प्रतिबंध लागू किए हैं। नई नीति के अनुसार, ३० लाख रुपये तक कीमत वाली इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर अब सड़क कर और पंजीकरण शुल्क नहीं लगेगा। सरकार ने इन दोनों शुल्कों पर पूर्ण छूट देने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल से अनुमोदित यह नीति आगामी १ जुलाई से लागू होगी।
दिल्ली सरकार ने वर्ष २०३० मार्च तक राजधानी को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके लिए अगले चार वर्षों में १५० अरब भारतीय रुपये निवेश करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की गई है। नई नीति के तहत पेट्रोल और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) पर चलने वाले दोपहिया वाहनों को चरणबद्ध तरीके से विस्थापित करने की योजना बनाई गई है। वर्ष २०२८ अप्रैल से दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के अलावा किसी भी दोपहिया वाहन की बिक्री और पंजीकरण पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इससे शहर में बढ़ते वाहनों के दबाव और उससे होने वाले प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है। इस कदम के जरिए इलेक्ट्रिक परिवहन प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा और दिल्लीवासियों के लिए स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर की गई है।
