बालश्रममुक्त घोषित १३ स्थानीय तह, ६ प्रतिष्ठान और ७ उद्यमियों को सम्मानित किया गया
१८ असार, काठमांडू। सरकार ने बालश्रम निवारण, सुरक्षित कार्यस्थल के प्रचार-प्रसार और स्वदेश में उद्यमशीलता के विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले स्थानीय तह, औद्योगिक प्रतिष्ठान और उद्यमियों का सम्मान किया है। युवा, श्रम और रोजगार मंत्रालय ने गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में बालश्रममुक्त घोषित किए गए १३ स्थानीय तह, व्यवसायजन्य सुरक्षा और स्वास्थ्य (ओएसएच) क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ६ औद्योगिक प्रतिष्ठान तथा विदेश से लौटकर स्वदेश में उद्यम चलाने वाले ७ लोगों को सम्मानित किया। मंत्रालय ने बताया कि वैदेशिक रोजगार से लौटकर नेपाल में उद्यम स्थापित कर रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले इन्हें ‘राष्ट्रीय उद्यमी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय उद्यमी पुरस्कार विजेताओं में मोरंग के लोक बहादुर राई के प्रशंसा हनी फार्म को १ लाख ५० हजार रूपये नकद सहित सर्वोत्कृष्ट उद्यमी राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अलावा झापा के हल्दीबारी स्थित मनिका एंड यूनिका बंगुर फार्म को उत्कृष्ट उद्यमी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अन्य उत्कृष्ट उद्यमी राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हैं सप्तरी का ग हिल कुटानी पिसानी उद्योग, सिन्धुली का एमजी एग्रो फार्म, पर्वत का एस.के कृषि तथा पशुपक्षी फार्म, अर्घाखाँची का दीपेश एंड विवेश कृषि तथा पशुपंक्षी फार्म और बाजुरा का न्यू कालिका ऑटो पार्ट्स। उत्कृष्ट उद्यमी राष्ट्रीय पुरस्कार की राशि ७५-७५ हजार रूपये है।
युवा, श्रम तथा व्यवसायजन्य सुरक्षा विभाग ने व्यवसायजन्य सुरक्षा और स्वास्थ्य के २२ सूचकांक के आधार पर उत्कृष्ट घोषित किए गए ६ औद्योगिक प्रतिष्ठानों का भी सम्मान किया। सम्मानित प्रतिष्ठानों में कैलाली का नवजीवन अस्पताल, पूर्वी नवलपरासी का होङ्सी शिवम् सीमेंट, रुपन्देही का अम्बे स्टील, हेटौंडा का एशियान पेंट्स, सिराहा का मारुती सीमेंट और सुनसरी का मैनावती स्टील इंडस्ट्रीज शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि आवेदन न आने के कारण कर्णाली प्रदेश से कोई प्रतिष्ठान चयनित नहीं हो सका।
बालश्रममुक्त घोषित और सम्मानित स्थानीय तहों में म्याग्दी के रघुगंगा गाउँपालिका, रोल्पा के त्रिवेणी गाउँपालिका, कपिलवस्तु के बाणगंगा नगरपालिका, इलाम के सूर्योदय नगरपालिका, तनहुँ के म्याग्दे गाउँपालिका, भोजपुर के पौवादुङमा गाउँपालिका, बागलुङ के बरेङ गाउँपालिका, स्याङ्जा के विरुवा गाउँपालिका, काभ्रेपलाञ्चोक के पनौती नगरपालिका, हुम्ला के खार्पूनाथ गाउँपालिका, स्याङ्जा के फेदीखोला गाउँपालिका, कपिलवस्तु के बुद्धभूमि नगरपालिका और काठमांडू के चन्द्रागिरि नगरपालिका शामिल हैं।
कार्यक्रम में बोलते हुए युवा, श्रम तथा रोजगार मंत्री रामजी यादव ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा, बालश्रम का अंत, कानून का पालन और स्वदेश में भविष्य निर्माण की वातावरण ही समृद्ध राष्ट्र के निर्माण को संभव बनाती है। उन्होंने बालश्रममुक्त घोषित १३ स्थानीय तहों की प्रशंसा करते हुए अन्य सभी पालिकाओं से इस अभियान को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। मंत्री यादव ने बाल बच्चों को काम पर नहीं बल्कि विद्यालय और खेल के मैदान में होना चाहिए यह भी कहा। उन्होंने बताया कि यह १३ पालिकाएं अभी पर्याप्त नहीं हैं। सरकार स्थानीय तहों को बालश्रममुक्त घोषणा करने के लिए प्रोत्साहन स्वरुप ३ लाख रूपये और घोषणा पूर्ण होने पर अतिरिक्त २ लाख रूपये का अनुदान देती है।
मंत्री यादव ने कहा कि जिम्मेदार व्यवसाय संचालन से श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान और उत्पादकता बढ़ती है। सरकार आंतरिक और वैदेशिक दोनों श्रम बाजारों में जिम्मेदार व्यवसायों को निरंतर प्रोत्साहित करेगी। विदेश से लौटकर स्वदेश में उद्यम स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाले युवाओं के योगदान को मंत्री ने प्रशंसनीय बताया और कहा कि ये लोग अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे। मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि यह सम्मान और प्रोत्साहन कार्यक्रम और अधिक स्थानीय तह, उद्योग और निजी क्षेत्र को बालश्रम समाप्ति, सुरक्षित कार्यस्थल निर्माण व स्वदेशी उद्यमशीलता विकास की ओर प्रेरित करेगा।
