फाइल तस्वीर २२ असार, काठमाडौं। विज्ञान, प्रविधि तथा नवप्रवर्तन मंत्री महावीर पुन ने मंत्रालय द्वारा विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा बजट आवंटित किए जाने की जानकारी दी है। सोमवार को राष्ट्रीय सभा में विनियोजन विधेयक पर विधायिकागत चर्चा के दौरान उठाए गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने बताया कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए पहले कभी इतना बड़ा बजट नहीं दिया गया था। पूर्व में १ अरब रुपये तक का बजट आवंटित किया गया था, लेकिन कानूनी व्यवस्थाओं के अभाव में उसे खर्च नहीं किया जा सका। वर्तमान में ४ अरब रुपये खर्च के मद्देनज़र कई लोगों ने जिज्ञासा व्यक्त की है, लेकिन मंत्री पुन के अनुसार यह राशि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए अत्यंत कम है। फिर भी, इस समय यह राशि पर्याप्त है।
उन्होंने बताया कि खर्च किए जाने वाले कार्यक्रमों का निर्धारण अभी बाकी है, इसलिए इस आवंटित ४ अरब रुपये में से ३ अरब ४० करोड़ रुपये अनिश्चय अवस्था में रखे गए हैं। मंत्री पुन के अनुसार मंत्रालय के पूर्व कार्यक्रमों के संचालन के लिए ६० करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं तथा शेष ३ अरब ४० करोड़ रुपये तभी खर्च किए जाएंगे जब खर्च योजनाएं और नियमावली तैयार हो जाएंगी। मंत्रालय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवप्रवर्तन सम्बन्धी विधेयक और नियमावली तैयार करने की प्रक्रिया में है, और कानूनी आधार तैयार होने के बाद ही अनिश्चित बजट को कार्यान्वित किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘सरकार ने विज्ञान, प्रविधि तथा नवप्रवर्तन मंत्रालय को ४ अरब रुपये आवंटित किए हैं, जो कि पूंजीगत खर्च का १ प्रतिशत है। पहले से चल रहे कुछ कार्यक्रमों के लिए ६० करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और शेष ३ अरब ४० करोड़ रुपये अनिश्चित रूप से रखे गए हैं। जेठ १५ तारीख तक यह सुनिश्चित नहीं किया गया था कि यह बजट कैसे तथा किस प्रकार खर्च होगा, इसलिए यह राशि अनिश्चित अवस्था में रखी गई है।’ उन्होंने आगे बताया, ‘३.५ अरब रुपये के खर्च को लेकर कई लोगों को आश्चर्य हो सकता है, क्योंकि इतनी बड़ी राशि पहले कभी आवंटित नहीं हुई। साल २०८० में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए १ अरब रुपये निर्धारित किया गया था, लेकिन खर्च करने के लिए कानूनी व्यवस्था न होने के कारण वह राशि खर्च नहीं हो सकी और अर्थ मंत्रालय ने इसे विश्वविद्यालयों के बीच वितरित कर दिया। अब जबकि ४ अरब रुपये आवंटित किए गए हैं, कई लोगों को यह असामान्य लगेगा। बहुत से लोग पूछ रहे हैं कि बजट कहाँ और कैसे खर्च होगा, मगर यह ४ अरब रुपये उचित और संगठित तरीके से खर्च किए जाएंगे, कोई मामूली बात नहीं है।’ उन्होंने युवाओं को विज्ञान एवं नवप्रवर्तन के क्षेत्र में जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने की जानकारी भी दी।
