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होर्मुज में तनाव: इरानी हमले के बाद अमेरिका की कड़ी प्रतिक्रिया

होर्मुज जलमार्ग पर तीन व्यावसायिक जहाजों पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान को सशक्त और प्रभावी जबाव दिया है। अमेरिकी सेनाध्यक्ष सेन्ट्रल कमान्ड ने मंगलवार को शुरू किए गए हमले को निर्दोष यात्रियों सहित व्यावसायिक जहाजों पर अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में किए गए आक्रमण के रूप में कड़ी प्रतिक्रिया बताया है। ईरान के उप विदेश मंत्री ने अमेरिका के इस हमले को पिछले महीने हुए अमेरिका-ईरान समझौते का उल्लंघन बताते हुए तेहरान द्वारा निर्णायक कदम उठाने की चेतावनी दी है।

ईरानी सरकारी संचार माध्यमों के अनुसार अमेरिकी सेना ने केशम द्वीप, बंदर अब्बास और सिरिक में हमला किया है, जिससे कुछ लोग घायल हुए हैं, हालांकि मानवीय हानि पुष्ट नहीं हुई है। अमेरिका ने होर्मुज जलमार्ग पर टैंकरों पर हुए इस हमले को पूरी तरह से खारिज किया है। सेन्ट्रल कमान्ड ने मंगलवार रात जारी विज्ञप्ति में कहा कि अमेरिका का यह प्रयास ईरानी हमले के जवाब में किया गया है। “ईरान की आक्रामकता अनावश्यक, खतरनाक और युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन है,” विज्ञप्ति में उल्लेख किया गया है।

इन हमलों से पूर्व अमेरिकी अर्थ मंत्रालय ने ईरान पर लगाए गए तेल प्रतिबंध को अस्थायी रूप से हटाने का निर्णय पलटा था। इस तरह का लाइसेंस अमेरिका-ईरान समझौते के तहत ईरान को तेल और पेट्रोलियम उत्पाद बेचने के लिए जारी किया गया था। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस निर्णय को समझौते का उल्लंघन बताते हुए अमेरिका की खराब मंशा और गैरजिम्मेदाराना व्यवहार प्रमाणित किया है। तेहरान ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की प्रतिबद्धता की घोषणा की है।

सऊदी अरब और कतर ने इस जलमार्ग में अपने टैंकरों पर हुए हमले को लेकर ईरान की आलोचना की है। कतर के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता माजेद अल अंसारी ने अल-रकायत जहाज पर हमले के लिए ईरान को पूर्ण रूप से जिम्मेदार ठहराया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने भी अपने टैंकरों पर हुए हमले का दावा किया है। इसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा डालने वाली गतिविधि माना गया है।