२४ आसार, काठमाडौँ। स्वतन्त्र दलित नागरिक समाज नेपाल ने संविधान संशोधन प्रक्रिया में दलित समुदाय के अधिकारों, समानुपातिक प्रतिनिधित्व, सामाजिक न्याय और समावेशिता के विषयों को प्राथमिकता के साथ संबोधित करने हेतु सरकार, संघीय संसद और राजनीतिक दलों से आग्रह किया है। आज यहां आयोजित पत्रकार बैठक में संस्थान के संयोजक कर्णबहादुर नेपाली ने संविधान संशोधन को दलित अधिकारों को और सुदृढ़ बनाने का ऐतिहासिक अवसर मानने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि दलित समुदाय की सार्थक भागीदारी के बिना संविधान संशोधन सामाजिक न्याय के उद्देश्य को पूरा नहीं कर सकेगा और इसलिए संशोधन प्रक्रिया को सहभागिता, समावेशिता और मानवाधिकार के अनुरूप होना चाहिए। संस्थान ने छुआछूत और जातीय भेदभाव के खिलाफ संवैधानिक प्रावधानों को और प्रभावी बनाने, राज्य के सभी निकायों में समानुपातिक और समावेशी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने, भूमिहीन दलितों के भूमि और आवास अधिकार स्पष्ट करने तथा राष्ट्रीय दलित आयोग को अधिकार-संपन्न बनाने की मांग की है।
