२५ असार, काठमाडौँ। फ़ीफ़ा विश्व कप २०२६ की ट्रॉफी के लिए मुकाबला जितना रोमांचक है, उतना ही गोल्डेन बुट की दौड़ भी ऐतिहासिक और कड़ी बनी हुई है। इस संस्करण में चार विश्वस्तरीय फुटबॉल स्टार — लियोनेल मेस्सी, किलियन एमबाप्पे, एर्लिंग हालैंड और हैरी केन — विश्व कप के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी की उपाधि के लिए तेज़ मुकाबला कर रहे हैं। आमतौर पर विश्व कप में एक ही खिलाड़ी सहजता से गोल्डेन बुट जीतता है, लेकिन इस बार ये चारों खिलाड़ी लगातार गोल करते हुए इतिहास रचने की तैयारी कर रहे हैं। वर्तमान में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेस्सी ८ गोल के साथ शीर्ष पर हैं। फ्रांस के किलियन एमबाप्पे और नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड ने समान रूप से ७-७ गोल किए हैं, जबकि इंग्लैंड के हैरी केन के गोल की संख्या ६ है।
अधिकांश विश्व कप में ५ या ६ गोल गोल्डेन बुट जीतने के लिए पर्याप्त होते हैं। वर्ष २००६ में मिरोस्लाव क्लोज़े ने ५ गोल कर गोल्डेन बुट जीता था। २०१० में थोमस मुलर ने भी ५ गोल के साथ यह खिताब हासिल किया था। २०१८ में हैरी केन ने ६ गोल किए थे और २०२२ में एमबाप्पे ने ८ गोल के साथ गोल्डेन बुट जीता था। लेकिन इस बार ये आंकड़े दौड़ की शुरुआत जैसा प्रतीत होते हैं। विश्व कप के लगभग सौ वर्ष के इतिहास में अभी तक केवल आठ खिलाड़ियों ने एक ही संस्करण में ८ या अधिक गोल किए हैं। मेस्सी इस विशिष्ट सूची में पहले ही शामिल हो चुके हैं, वहीं एमबाप्पे, हालैंड और केन भी इस मुकाम को छूने के करीब हैं।
गोल्डेन बुट की विजेता कैसे तय होती है? यह पुरस्कार सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को दिया जाता है। यदि गोल की संख्या बराबर होती है, तो सबसे अधिक असिस्ट करने वाले खिलाड़ी को विजेता घोषित किया जाता है। यदि गोल और असिस्ट दोनों बराबर होते हैं, तो कम समय खेल चुके खिलाड़ी को गोल्डेन बुट प्रदान किया जाता है। मेस्सी इस समय अग्रणी हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धा अभी भी खुली हुई है। मेस्सी ने ८ गोल और १ असिस्ट किए हैं। उन्होंने मात्र ४१० मिनट खेलते हुए शीर्ष चार खिलाड़ियों में दूसरी सबसे कम मिनट में ऐसा किया है। यदि अंतिम दौर में गोल संख्या समान रहती है, तो कम समय खेलने पर मेस्सी को लाभ हो सकता है।
३९ वर्षीय मेस्सी ने समूह चरण में ६ और नॉकआउट चरण में २ गोल किए हैं। उम्र बढ़ने के बावजूद निर्णायक क्षणों में खेल की दिशा बदलने की उनकी क्षमता अभी भी बरकरार है। एमबाप्पे फिर से इतिहास रचने के लिए तैयार हैं। पूर्व गोल्डेन बुट विजेता एमबाप्पे ने इस विश्व कप में ७ गोल और २ असिस्ट किए हैं। उन्होंने समूह चरण में ४ और नॉकआउट में ३ गोल किए हैं। यदि वे ८ गोल तक पहुंचते हैं, तो वे दो अलग-अलग विश्व कप में ८ या उससे अधिक गोल करने वाले प्रथम खिलाड़ी बन जाएंगे।
नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड ने अपने पहले विश्व कप में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए ७ गोल किए हैं। उनकी गोल करने की दर चारों स्टार खिलाड़ियों में सबसे बेहतर है। उन्होंने कम अवसरों का फायदा उठाते हुए प्रतियोगिता के सबसे प्रभावशाली स्ट्राइकर के रूप में अपनी पहचान बनाई है। इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने ६ गोल और १ असिस्ट किए हैं। २०१८ के गोल्डेन बुट विजेता केन इस बार भी यह उपाधि दोहराने के लक्ष्य के साथ हैं। अवसरों को गोल में बदलने की उनकी कुशलता की वजह से वे अंत तक प्रतिस्पर्धा में बने रहने की उम्मीद रखते हैं।
गोल्डेन बुट कौन जीतेंगे? सेमीफाइनल और संभावित फाइनल मैच अभी बाकी हैं, इसलिए चारों खिलाड़ियों के पास गोल की संख्या बढ़ाने के पर्याप्त मौके होंगे। लेकिन मेस्सी, हालैंड और केन में से केवल एक ही खिलाड़ी फाइनल तक पहुंच पाएगा। इसलिए इन तीन में से एक की प्रतिस्पर्धा एमबाप्पे के साथ होगी। जो भी खिलाड़ी निर्णायक मैच में अपनी टीम को जीत दिलाकर अधिक गोल करेगा, वही गोल्डेन बुट जीतने की सबसे अधिक संभावना रखेगा। एक तरफ विश्व कप की ट्रॉफी जीतने का बड़ा सपना है, वहीं दूसरी तरफ व्यक्तिगत स्तर पर विश्व का सर्वश्रेष्ठ गोलकर्ता बनने का मौका भी। इसलिए इस बार की गोल्डेन बुट की दौड़ विश्व कप के इतिहास की सबसे रोमांचक और यादगार प्रतिस्पर्धाओं में से एक निश्चित रूप से होगी।





