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फ्रांस और मोरक्को के बीच मुकाबले में चमकने वाले संभावित खिलाड़ी

२५ असार, काठमाडौं। फीफा विश्वकप २०२६ के बेहद प्रत्याशित क्वार्टरफाइनल मुकाबले में यूरोपीय शक्तिशाली टीम फ्रांस और अफ्रीकी गौरव मोरक्को सेमीफाइनल में जगह के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। दोनों टीमें उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और इस मैच में विश्वस्तरीय खिलाड़ी मैदान में हैं जिनके खेल से किसी भी क्षण परिणाम बदल सकता है। फ्रांस लगातार तीसरी बार फाइनल में पहुंचने का इतिहास रचने की कोशिश कर रहा है, जबकि मोरक्को, जो २०२२ के कतर विश्वकप में सेमीफाइनल में हार गया था, बदला लेने और एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की पूरी कोशिश में है। इस मुकाबले में कोचिंग रणनीतिकता के साथ-साथ व्यक्तिगत भिड़ंत और खेल की जादूगरी निर्णायक भूमिका निभाएगी।

इसी संदर्भ में ‘‘कर या मर’’ महाभिड़ंत में दोनों टीमों के ये खिलाड़ी और उनकी विश्वकप में वर्तमान लय सबसे निर्णायक साबित हो सकती हैं:

फ्रांस
किलियन एम्बाप्पे (स्ट्राइकर): टीम के कप्तान और विश्व के सबसे खतरनाक स्ट्राइकर माने जाने वाले एम्बाप्पे फ्रांस के प्रमुख गोल स्कोरर हैं। वर्तमान विश्वकप में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। सेनेगल और नर्वे के खिलाफ गोल करने के बाद उन्होंने पिछली १६ टीमों में मजबूत पाराग्वे की रक्षा के खिलाफ पेनाल्टी से निर्णायक गोल कर टीम को क्वार्टरफाइनल में पहुंचाया है। इस विश्वकप में एम्बाप्पे ७ गोल कर गोल्डन बूट की दौड़ में आगे हैं।

माइकल ओलिसे (विंगर): इस विश्वकप में फ्रांसीसी मिडफ़ील्ड और आक्रमण की दाहिनी ओर ओलिसे नायक की भूमिका में उभरे हैं। उन्होंने समूह चरण में इराक और नर्वे के खिलाफ गोल और असिस्ट किये हैं। उनकी रचनात्मकता और चतुर पास मोरक्को के लिए सिरदर्द साबित होंगे। इस विश्वकप में ५ सबसे अधिक असिस्ट देने वाले ओलिसे प्लेमेकिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

ब्रैडली बार्कोला (फॉरवर्ड): फ्रांस का आक्रमण केवल एम्बाप्पे या डेम्बेले पर निर्भर नहीं है, यह बात बार्कोला ने साबित की है। विशेष रूप से ३२ वें दौर में स्वीडन के खिलाफ ३-० की जीत में बार्कोला ने शानदार प्रदर्शन कर गोल किया था। उनकी गति और ड्रिब्लिंग विरोधी डिफेंडर के लिए घातक साबित हो रही है।

मोरक्को
एजेदिन उनाही (मिडफील्डर): कतर विश्वकप की तरह इस बार भी उनाही मोरक्को के मिडफ़ील्ड के प्रेरणा स्रोत बने हैं। उनका खेल उत्कृष्ट है और उन्हीं की लय का नतीजा है कि मोरक्को ने अंतिम १६ में सह-आयोजक कनाडा को ३-० से हराया, जिसमें उनाही ने दो बेहतरीन गोल किये थे। फ्रांस के मिडफ़ील्ड को रोकने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।

सुफियान रहिमी (स्ट्राइकर): मोरक्को के आक्रमण का प्रमुख गोलकर्ता रहिमी हैं। उन्होंने समूह चरण में हैती के खिलाफ गोल किए तथा पिछले मैच में कनाडा के खिलाफ भी अंतिम समय में गोल कर टीम की जीत पक्की की। बॉक्स के अंदर उनकी मौजूदगी फ्रांसीसी डिफेंडर सालिबा और उपामेकानो के लिए चुनौतीपूर्ण होगी।

अचरफ हाकिमी (डिफेंडर): मोरक्को के डिफेंस की ताकत और टीम के कप्तान हाकिमी महत्वपूर्ण कर्णधार हैं। फ्रेंच क्लब PSG से खेल चुके हाकिमी फ्रेंच फुटबॉल की गहरी समझ रखते हैं। एम्बाप्पे को रोकने की मुख्य जिम्मेदारी हाकिमी पर होगी।