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इरानी कूटनीतिज्ञ माजिद नीली ने अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की

जर्मनी में तैनात इरानी कूटनीतिज्ञ माजिद नीली ने इरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई पर यूरोपीय नेताओं की चुप्पी पर असंतोष व्यक्त किया और चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने चीन-तुर्कमेनिस्तान-इरान रेल मार्ग पर स्थित अघ-तप्पेह-खान पुल पर हमला किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग जोखिम में पड़ गया है।

नीली ने गुरुवार को जारी एक संदेश में बताया कि अमेरिकी कार्रवाई के दौरान कई यूरोपीय नेता मौन साधे हुए हैं, जिससे उन्हें कड़ी आपत्ति है। उन्होंने कहा, “अमेरिका के कथित अपराधों को सामान्य समझना किसी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता।” अमेरिका द्वारा निशाना बनाए गए इस अघ-तप्पेह-खान पुल का महत्व अंतरराष्ट्रीय परिवहन और व्यापार मार्ग के रूप में बहुत बड़ा है।

नीली ने चेतावनी दी कि यदि इस परिवहन मार्ग पर अमेरिकी हमले की निंदा नहीं हुई, तो आगे भविष्य में अन्य महत्वपूर्ण मार्ग भी आसानी से निशाने पर आ सकते हैं, जिनसे यूरोपीय देश भी लाभान्वित होते हैं। उन्होंने आगे कहा, “अपराधों को सामान्य मानना सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है।” इससे पहले भी इरान के उत्तरी शहर अक्काला में स्थित रेलवे पुल पर अमेरिकी हमले की घटनाएं हुई हैं।