मेटा ने कानाड़ा के अल्बर्टा में 10 बिलियन डॉलर की लागत से 1 गीगावाट क्षमता वाला नया डाटा सेंटर बनाना शुरू किया है। यह कानाड़ा में मेटा का पहला डाटा सेंटर होगा, जो एआई पूर्वाधार विकसित कर निर्माण क्षेत्र में स्थायी रोजगार सृजित करेगा। चीन के एआई लैब्स द्वारा कम संसाधन में शक्तिशाली मॉडल विकसित करने के कारण मेटा को अपने एआई मॉडलों की गुणवत्ता और लागत नियंत्रण पर दबाव महसूस हो रहा है।
तकनीकी कंपनी मेटा ने कानाड़ा के अल्बर्टा में नए डाटा सेंटर का निर्माण शुरू किया है। इस परियोजना में कंपनी 10 बिलियन डॉलर का निवेश करेगी। मेटा के अनुसार, स्टर्जन काउंटी में बनने वाला यह डाटा सेंटर 1 गीगावाट क्षमता का होगा। यह कानाड़ा में मेटा का पहला तथा विश्वभर में 33वां डाटा सेंटर होगा। कंपनी इसे विशेषत: एआई संबंधित कार्यों के लिए तैयार कर रही है।
मेटा ने अमेरिका में ही एआई पूर्वाधार के लिए 600 बिलियन डॉलर से अधिक निवेश किया है। यह कानाड़ा परियोजना निर्माण क्षेत्र में हजारों रोजगार सृजित करेगी। निर्माण पूरा होने के बाद भी यह सेंटर लगभग 300 कर्मचारियों को स्थायी रोजगार देगा। कंपनी ने स्थानीय समुदाय को आर्थिक सहयोग प्रदान करने और पर्यावरण हितैषी तरीके से बिजली तथा पानी के उपयोग का आश्वासन दिया है।
सन् 2026 की पहली त्रैमासिक रिपोर्ट के अनुसार, मेटा इस वर्ष अतिरिक्त 125 बिलियन से 145 बिलियन डॉलर के निवेश की योजना बना रहा है। एआई प्रतिस्पर्धा में ‘रेस’ जीतने के लिए प्रोसेसिंग पावर को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। मेटा अपने प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ने के लिए अपनी सभी संसाधनों का उपयोग उत्कृष्ट एआई मॉडल विकास में लगा रहा है।





