Skip to main content

गण्डकी प्रदेश में गांजा खेती को वैधता, लेकिन क्रियान्वयन में चुनौतियाँ

गांजा खेती सहज न होने की बात कही जा रही है

गण्डकी प्रदेश में गांजा खेती को वैधता प्रदान करने वाला विधेयक गुरुवार सर्वसम्मति से पारित हो गया, जिससे वहां औषधि और औद्योगिक प्रयोजनों के लिए व्यावसायिक रूप से गांजा खेती करने का कानूनी रास्ता खुल गया है, जानकारों ने बताया।

विधेयक पारित होने के बाद सरकारी संस्थानों में कंपनी पंजीकृत कर के गांजा खेती की अनुमति ली जा सकेगी। इसके लिए शुल्क और प्रक्रियाओं के संबंध में नियमावली बनाई जाएगी, अधिकारियों ने बताया।

गण्डकी प्रदेश गांजा खेती सम्बन्धी कानूनी व्यवस्था बनाने वाला पहला प्रदेश बन गया है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार संघीय कानून इसके क्रियान्वयन में बाधक हो सकता है।

प्रदेश के उद्योग और पर्यटन मंत्री यशोदा रिमाल ने किसानों को प्राथमिकता देते हुए कार्यप्रणाली बनाए जाने की बात कही है।

विधेयक में क्या है?

गण्डकी प्रदेश की भौगोलिक विशेषताएँ, जमीन की उर्वरता, फसलों की उपयुक्तता और व्यावसायिक संभावनाओं को देखते हुए प्रदेश में उपलब्ध जमीनों पर औषधि और औद्योगिक प्रयोजनों के लिए व्यवस्थित तरीके से गांजा की खेती की अनुमति देने, जिससे रोजगार और आय में वृद्धि हो, यह कानूनी व्यवस्था आवश्यक समझी गई और इसलिए प्रदेश सभा ने विधेयक पारित किया।