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इरान ने होर्मुज जलमार्ग अनिश्चितकाल तक बंद किया, अमेरिका के साथ तनाव में वृद्धि

समाचार सारांश: इरान ने विश्व के महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को अगले आदेश तक अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया है कि इरान द्वारा व्यापारिक जहाज पर हमला किए जाने पर उसके जवाब में इरान पर सैन्य कार्रवाई की गई है। इरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनी ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है, वहीं अमेरिका ने इरान को पूर्ण विनाश की धमकी दी है। २८ असार, काठमाडौं। विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शुमार ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को इरान ने अगले आदेश तक अनिश्चितकाल तक बंद करने की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद अमेरिका और इरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका ने इरान पर एक नए चरण का हवाई हमला किया है, जबकि इरान ने अमेरिकी हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि साइप्रस के झंडे वाला एक व्यापारी जहाज पर इरान ने ‘खुल्लम खुल्ला हमला’ किया, जिसके बाद इस सप्ताह तीसरे चरण की सैन्य कार्रवाई शुरू की गई। सेंटकॉम के अनुसार, ईरानी इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के हमले से जहाज के इंजन कक्ष को गंभीर क्षति हुई है। जहाज अब अपनी यात्रा जारी नहीं रख सकता और एक नागरिक चालक दल सदस्य लापता हो गया है, अमेरिकी पक्ष ने कहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पिट हेगसेथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सेंटकॉम की विज्ञप्ति शेयर करते हुए लिखा, ‘इरान ने गलत फैसला किया है। इसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।’ इरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि आईआरजीसी ने होर्मुज जलमार्ग को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। इरानी पक्ष के अनुसार, जब एक जहाज स्वीकृत मार्ग छोड़कर यात्रा कर रहा था और बार-बार चेतावनी के बावजूद अड़ियल रहा, तो नौसैनिक क्रूज मिसाइल दागी गई। आईआरजीसी का दावा है कि जहाज को रोकने के लिए उसे चेतावनी के तौर पर गोली चलाई गई। इसके अलावा, इरान ने कहा है कि यदि अमेरिका कोई सैन्य हस्तक्षेप करता है तो इसका ‘कड़ा जवाब’ दिया जाएगा और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नए सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा। इससे पहले, अमेरिकी सिफारिश पर ओमान के जलक्षेत्र से गुजर रहे तीन व्यापारिक तेल टैंकरों पर हमला हुआ था। इरान ने अपने जलक्षेत्र से गुजरने वाले मार्ग को ‘सुरक्षित’ बताते हुए यह दावा किया था। इन घटनाओं के बाद अमेरिकी हमले में १७ लोग मारे गए और ११५ घायल हुए हैं, इरानी अधिकारियों ने बताया है। इसके जवाब में इरान ने खाड़ी क्षेत्र के अमेरिकी साझेदार देशों को निशाना बनाया था। घटनाओं के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि इरानी हमले के बाद युद्धविराम समाप्त हो गया है, हालांकि उन्होंने कूटनीतिक वार्ता जारी रखने और मध्यस्थों के द्वारा वार्तालाप फिर से शुरू करने का प्रयास होने की बात कही। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, इरान ने अमेरिकी अधिकारियों तक संदेश पहुंचाया है कि व्यापारिक टैंकरों पर हमला ‘गलती से’ हुआ और इसके लिए उनकी सुरक्षा तंत्र के बाहर का एक समूह जिम्मेदार है। अमेरिकी अधिकारियों ने इरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के आवागमन के लिए खुला रखने और व्यापारिक जहाजों पर हमले को रोकने का आग्रह किया है। तनाव के बीच, इरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह मोज्तबा खामेनी ने सार्वजनिक तौर पर पहली बार संदेश दिया है। उनके पिता एवं पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनी का फरवरी २८ को अमेरिका-इजरायल हमले के दौरान निधन हो गया था। शुक्रवार को उनकी गृह नगर मशहद में अंतिम संस्कार हुआ। राज्य मीडिया से प्रसारित संदेश में मोज्तबा खामेनी ने कहा कि ‘बदला लेना राष्ट्र की इच्छा है।’ उन्होंने अमेरिका और इजरायल को इशारा करते हुए दो युद्धों में मारे गए सभी लोगों का खून चुकाने की चेतावनी दी। वहीं, अली खामेनी की अंतिम संस्कार में शामिल लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ हत्या की मांग के नारे लगाएं। इस पर प्रतिक्रिया स्वरूप ट्रम्प ने कहा है कि यदि उनके खिलाफ कोई हमला हुआ तो इरान को ‘पूर्ण विनाशकारी’ जवाब मिलेगा। इसी के साथ, वाल स्ट्रीट जर्नल समेत अमेरिकी मीडिया का दावा है कि इजरायल ने वाशिंगटन को सूचना दी है कि इरान ट्रम्प की हत्या की योजना बना रहा है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।