इरान की चेतावनी: अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में सहयोग करने वाले खाड़ी देशों पर हमला होगा
२९ असार, काठमाडौँ। इरान ने उन खाड़ी देशों को चेतावनी दी है जो उसके विरुद्ध किसी भी सैन्य कार्रवाई में अमेरिका को सहायता प्रदान करेंगे। इरान ने स्पष्ट किया है कि जो देश अमेरिका को भूमि और सैन्य अड्डे के तौर पर उपयोग करने देंगे, वे प्रत्यक्ष तौर पर निशाने पर होंगे। यह चेतावनी इरान के विदेश मंत्रालय द्वारा हालिया अमेरिकी हमले के बाद सोमवार को जारी की गई है।
इरानी सरकारी संचार माध्यमों में प्रकाशित एक विज्ञप्ति में विदेश मंत्रालय ने कहा है कि युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर हुए महज २५ दिन बीते थे जब अमेरिकी पक्ष ने इसके अधिकांश प्रावधानों का उल्लंघन किया। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि अमेरिकी हमले ने इरान के यातायात नेटवर्क, मछली पकड़ने वाली नौकाओं, मालवाहक जहाजों, मौसम विभाग की इमारतों और अन्य सरकारी संरचनाओं को निशाना बनाया है। इरान ने इसे गंभीर युद्ध अपराध के रूप में बताया है।
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार पड़ोसी देशों की जिम्मेदारी है कि वे आक्रमणकारी देश को अपनी भूमि या सैन्य अड्डों का उपयोग करने से रोकें। इरान ने चेतावनी दी है कि जो भी स्थान, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उसके विरुद्ध हमले में शामिल या सहयोगी होगा, उसे अपने सैन्य हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई में निशाना बनाया जाएगा।





