नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के तहत रोजगारदाता परिषद् का गठन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। महासंघ के अध्यक्ष अञ्जन श्रेष्ठ ने श्रम क्षेत्र में सुधार के लिए परिषद को नीतिगत पैरवी करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। बैठक में बाबुकाजी कार्की को रोजगारदाता परिषद के उपसभापति के रूप में सर्वसम्मत रूप से मनोनीत किया गया है। ३२ असार, काठमाडौं।
नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के अंतर्गत निजी क्षेत्र की श्रम एवं रोजगार से संबंधित नीति, सामाजिक संवाद एवं रोजगारदाता हितों का प्रतिनिधित्व करने वाला मुख्य संस्थागत संयंत्र रोजगारदाता परिषद् की स्थापना की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। आज महासंघ सचिवालय टेकु में आयोजित रोजगारदाता परिषद् की पहली बैठक में परिषद के सभापति प्रबलजंग पाण्डे की अध्यक्षता में गठित सदस्य को महासंघ अध्यक्ष अञ्जन श्रेष्ठ ने मनोनयन पत्र सौंपे।
अध्यक्ष श्रेष्ठ ने कहा कि श्रम और रोजगार क्षेत्र में सुधार, सुदृढ़ीकरण और उद्योग-व्यवसाय-मैत्री श्रम संबंध स्थापित करने में रोजगारदाता परिषद की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि न्यूनतम पारिश्रमिक क्षेत्रगत आधार पर निर्धारित करने के विषय में मंत्रालय स्तर पर चर्चा जारी है। परिषद के सदस्यों ने निजी क्षेत्र की साझा धारणा तैयार कर प्रभावी नीतिगत पैरवी करने का आग्रह किया।
बैठक में महासंघ के विधान २०४९ (सातवाँ संशोधन) की धारा ४३.१ के अनुसार निर्वाचित एसोसिएट सदस्यों में से एक को उपसभापति के रूप में मनोनित करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत बाबुकाजी कार्की को उपसभापति पद के लिए सर्वसम्मत मंजूरी दी गई है। परिषद उद्योग-व्यवसाय-मैत्री श्रम वातावरण का निर्माण, निवेश और उद्यमशीलता के प्रचार-प्रसार, उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता के विकास तथा सामाजिक न्याय समेत श्रम संबंधों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।





