आंतरिक रोजगार और कौशल विकास के लिए निजी क्षेत्र के साथ सरकार की प्रतिबद्धता: श्रम मंत्री
३२ असार, काठमांडू। युवा, श्रम तथा रोजगार मंत्रालय ने आगामी वित्तीय वर्ष २०८३/८४ में शुरू होने वाले कार्यस्थल आधारित प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षु कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से निजी क्षेत्र के हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा की है। मंत्री रामजी यादव के नेतृत्व में हुई इस चर्चा में आगामी दशक को ‘आंतरिक रोजगार संवर्धन दशक’ घोषित करने के संदर्भ का उल्लेख करते हुए मंत्रालय ने श्रम एवं प्रबंधन से संबंधित नई नीतियों और दृष्टिकोण के साथ काम कर रहा होने की जानकारी दी है। मंत्रालय ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में १२ से अधिक प्रमुख आंतरिक रोजगार कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे और कार्यस्थल आधारित अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण प्रदान करने की योजना बनाई गई है। साथ ही, वर्तमान में संचालित ‘श्रम संसार’ ऑनलाइन पोर्टल को भी व्यवस्थित किया जाएगा।
चर्चा में शामिल निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने यह बात उठाई कि सरकार निजी क्षेत्र को केवल ‘साक्षी’ के रूप में देखती है। इस विषय को संबोधित करते हुए मंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि निजी क्षेत्र को केवल ‘साक्षी’ नहीं बल्कि ‘साझेदार’ के रूप में लिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि आंतरिक रोजगार और कौशल विकास के लिए सरकार निजी क्षेत्र के साथ सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ, नेपाल उद्योग परिसंघ और नेपाल चेम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों ने यह सुझाव दिया कि प्रशिक्षण मांग के अनुसार होना चाहिए और पाठ्यक्रम निर्माण से लेकर प्रमाणीकरण तक निजी क्षेत्र की सक्रिय भूमिका आवश्यक है।
बाजार की आवश्यकताओं और उपलब्ध मानव संसाधन के बीच संतुलन बनाने के लिए कार्यविशेष प्रशिक्षण पर जोर देने, प्रशिक्षुओं को रखने वाले छोटे उद्योगों के विद्युत् कनेक्शन को आसान बनाने, कर कटौती और घर किराए में छूट देने, रोजगार में लिंग संतुलन बनाए रखने वाले नियोक्ताओं को पुरस्कार देने तथा महिला उद्यमियों के लिए लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाने जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। नेपाल में कार्यरत अधिकांश युवा विदेश जाने की इच्छा रखते हैं, इसे ध्यान में रखते हुए युवाओं को देश में ही आकर्षित कर रोजगार व्यवस्थित करने पर चर्चा की गई। बैठक में मंत्री यादव के साथ-साथ संघीय संसद सदस्य विदुषी राना और अनुश्का श्रेष्ठ भी उपस्थित थे। नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के अध्यक्ष अंजान श्रेष्ठ, नेपाल चेम्बर ऑफ कॉमर्स के महा-निदेशक देवेंद्र लामिछाने, मंत्रालय के सह-सचिव पिताम्बर घिमिरे, हेमराज तामांग, बाबुराम भंडारी सहित अन्य निजी क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने प्रशिक्षण के बाद रोजगार सुनिश्चित करने और श्रम बाजार के पूर्ण चक्र (एम्प्लॉयमेंट इको सिस्टम) को पूरा करने के लिए सरकार और निजी क्षेत्र को एक मंच पर आने का निष्कर्ष साझा किया।





