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संविधान संशोधन बहसपत्र: गणतंत्र से लेकर प्रत्यक्ष निर्वाचित कार्यपालिका तक सुझाव क्या हैं?

रवि लामिछाने र बलेन शाह

तस्बिर स्रोत, RSS

प्रकाशित

पढ़ने का समय: ४ मिनट

संविधान संशोधन के लिए बहसपत्र तैयार करने वाली कार्यदल ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जिसके बाद कई का ध्यान उस रिपोर्ट में सम्मिलित विषयों पर केंद्रित हो गया है।

अधिकांश विपक्षी दल के प्रतिनिधि बाहर हो जाने के बाद कार्यदल में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) और राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा) के प्रतिनिधित्व ही बचे थे।

कार्यदल के सदस्य एवं रास्वपा सांसद मोहनलाल आचार्य के अनुसार संविधान के कुछ प्रावधानों में संशोधन का सुझाव दिया गया है।

“पारटीगत विवादों से दूर तकनीकी विषयों में संशोधन की सिफारिश हमने की है,” उन्होंने कहा।

रिपोर्ट में कुछ विषय सुझाव के रूप में रखे गए हैं और विभिन्न पार्टियों की अलग-अलग राय और अडानें भी उल्लेखित हैं।