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इतिहास के महान खिलाड़ी बनने के लिए मेसी की अंतिम परीक्षा

स्पेन के खिलाफ फ़ाइनल केवल ९० मिनट या अतिरिक्त समय का खेल नहीं है, बल्कि सम्भवतः विश्व फुटबॉल के महानतम करियर का अंतिम विश्वकप अध्याय भी होगा। लियोनेल मेसी के नेतृत्व में अर्जेंटीना ने लगातार दूसरी बार विश्वकप फ़ाइनल में प्रवेश कर स्पेन के साथ उपाधि के लिए प्रतिस्पर्धा करने जा रहा है। विश्वकप इतिहास में मेसी ने २१ गोल और सर्वाधिक १२ पास कीर्तिमान बनाते हुए अपने खेल जीवन के संभावित अंतिम अध्याय में ऐतिहासिक सफलता की खोज कर रहे हैं। अर्जेंटीना के खिलाड़ी अपने स्वर्णिम युग के नेता मेसी को लगातार दूसरी बार विश्वकप उपाधि दिलाकर फुटबॉल इतिहास के महान खिलाड़ी के तौर पर विदा करने का लक्ष्य रखते हैं। १ साउन, काठमांडू।

चार साल पहले कतर की रात में लियोनेल मेस्सी ने विश्वकप का अधूरा सपना पूरा किया। उन्होंने अर्जेंटीना को ३६ वर्षों बाद विश्वविजेता बनाते हुए फुटबॉल में जो सबसे बड़ा खिताब उनके करियर में बाकी था, उसे भी जीता। कई लोग इसे उनके करियर का पूर्ण समापन समझते थे। लेकिन २०२६ के विश्वकप ने नया अध्याय लिखा। ३९ वर्ष की उम्र में भी कप्तान मेसी अर्जेंटीना को लगातार दूसरी बार विश्वकप के फ़ाइनल तक पहुँचाने वाले मुख्य सितारे हैं। अब उनके सामने एक ऐसा अवसर है, जो उन्हें न केवल अर्जेंटीना का, बल्कि विश्व फुटबॉल इतिहास का सबसे सफल खिलाड़ी बनाकर स्थापित कर सकता है।

स्पेन के विरुद्ध रविवार को होने वाला फ़ाइनल मेसी के लिए केवल एक उपाधि का मुकाबला नहीं है, बल्कि यह उनके विश्वकप सफर का संभव अंतिम अध्याय भी है। इस विश्वकप में मेसी ने अब तक ८ गोल किए हैं। इसके साथ ही उनके विश्वकप करियर में कुल गोल संख्या २१ हो गई है, जो प्रतियोगिता के इतिहास में दूसरे सबसे अधिक गोल हैं। उन्होंने पहले ही प्रतियोगिता में सबसे अधिक गोल का रिकॉर्ड बनाया था, जिसे फ्रांस के किलीएन एमबाप्पे ने रविवार सुबह हुए तीसरे स्थान के मैच में २ गोल करके फिर तोड़ा। यदि मेसी फाइनल में २ गोल करते हैं तो वह फिर से शीर्ष स्थान पर आ जाएंगे। समूह चरण से लेकर नॉकआउट मैचों तक निर्णायक प्रदर्शन करते हुए मेसी ने अर्जेंटीना को लगातार दूसरी बार फ़ाइनल में पहुँचाया है।

अल्जीरिया के खिलाफ हेट्रिक से प्रतियोगिता की शुरुआत करने वाले मेसी ने उसके बाद ऑस्ट्रिया, जोर्डन, केप वर्डे, मिस्र और इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफ़ाइनल तक अपनी प्रभावशाली छाप छोड़ी। उन्होंने न केवल गोल किए, बल्कि खेल की गति नियंत्रित करने, अवसर बनाने और कठिन परिस्थितियों में टीम को आगे बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण रोल निभाया। गोल्डन बूट की दौड़ में भी मेसी फ्रांस के किलीएन एमबाप्पे के बराबर गोल थे, लेकिन रविवार सुबह एमबाप्पे ने २ गोल और किए जिससे वे आगे निकल गए और मेसी की गोल्डन बूट जीतने की संभावना और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है। मेसी ने इस विश्वकप में सर्वाधिक असिस्ट का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। उनकी असिस्ट संख्या १२ है, जो दूसरे स्थान पर मौजूद डिएगो माराडोना से ४ अधिक है।

फ़ाइनल का एक और रोचक पहलू मेसी और स्पेन के बीच संबंध है। प्रोफ़ेशनल फुटबॉल में मेसी को विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनाने की यात्रा स्पेन में शुरू हुई। स्पेन की दिग्गज टीम बार्सिलोना के लिए दो दशक से अधिक समय तक खेलने वाले मेसी ने वहां १० ला लीगा, ४ चैंपियंस लीग, ७ कोपा डेल रे सहित ३५ से अधिक उपाधियां जीतीं। स्पेन के मैदान पर ही उन्होंने फुटबॉल इतिहास के अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनाए। अब वही देश उनका राष्ट्रीय टीम के रूप में लगातार दूसरी बार विश्वकप जीतने के सपने के सामने है।

मेसी ने पहले ही संकेत दिया है कि यह उनका अंतिम विश्वकप हो सकता है। इसलिए स्पेन के खिलाफ फ़ाइनल केवल एक सामान्य मैच नहीं, बल्कि सम्भवतः विश्व फुटबॉल के महानतम करियर का अंतिम विश्वकप भाग होगा। यदि अर्जेंटीना उपाधि रक्षा करने में सफल हो जाता है तो मेसी लगातार दो विश्वकप जीतने वाले कप्तान के रूप में एक अन्य ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम करेंगे। इसके बाद उनके नाम के साथ जुड़ी बहस शायद समाप्त हो जाए — फुटबॉल के इतिहास के सर्वकालीन महानतम खिलाड़ी। लियोनेल स्कालोनी के नेतृत्व में अर्जेंटीना ने हाल के वर्षों में कोपा अमेरिका, फाइनलिसिमा और विश्वकप जीत चुका है। अब वे लगातार दूसरी बार विश्वकप जीतने के कगार पर हैं। यह सफलता केवल मेसी की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होगी। एमिलियानो मार्टिनेज, रोमेरो, मैक एलिस्टर, एन्ज़ो फर्नांडेज़, जूलियन अल्वारेज और लाउतारो मार्टिनेज जैसे खिलाड़ी मेसी को अंतिम विश्वकप में एक और उपाधि दिलाने का लक्ष्य लेकर मैदान में हैं।