दुग्ध विकास संस्थान की नई नीति: साउन के भीतर संपर्क न करने पर दूध नहीं खरीदा जाएगा

दुग्ध विकास संस्थान ने दूध संकलन प्रणाली को व्यवस्थित बनाने के लिए नई नीति लागू करते हुए साउन मास के अंत तक संपर्क और नवीनीकरण को अनिवार्य कर दिया है। निर्धारित समय सीमा में संपर्क नहीं करने वाले सहकारी संस्थान और फार्मों से दूध खरीदने के लिए संस्थान बाध्य नहीं होगा। दुग्ध व्यवसायियों को दूध कारोबार निरंतर जारी रखने के लिए जिला आयोजना कार्यालय या चिलिंग सेंटर में संपर्क कर नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
सरकारी स्वामित्व वाले दुग्ध विकास संस्थान (डीडीसी) ने दूध संकलन प्रणाली के आधुनिकीकरण और और अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से यह नई नीति लागू की है। देशभर के किसानों से लंबे समय से दूध संकलन कर रहा डीडीसी ने आर्थिक वर्ष २०७८/७९ से लागू होने वाली इस नीति के तहत दूध आपूर्ति करने वाले सहकारी तथा निजी फार्मों को साउन मास के अंत तक संपर्क एवं नवीनीकरण करना अनिवार्य कर दिया है।
डीडीसी केन्द्रीय कार्यालय लैनचौर ने सूचना जारी करते हुए बताया कि दूध संकलन को तकनीकी रूप से सुपाठ्य, अनुमान योग्य, स्थायी और ज्यादा व्यवस्थित बनाने के लिए नई नीति लागू की गई है। डीडीसी के साथ निरंतर दूध कारोबार करने वाले दुग्ध उत्पादक सहकारी संस्थाओं और निजी फार्मों को साउन मास के भीतर अनिवार्य रूप से संपर्क करना आवश्यक है।
सूचना में कहा गया है, ‘२०७८ साउन मास के अंत तक संपर्क नहीं करने वाले संस्था तथा फार्म के साथ डीडीसी दूध कारोबार करने के लिए बाध्य नहीं होगा।’ साउन मास के बाद संपर्क नहीं करने वाले फार्म या सहकारी संस्थाओं का दूध डीडीसी उठाने की इच्छा भी नहीं करेगा। ५७ वर्षों से दुग्ध क्षेत्र में सक्रिय डीडीसी सहकारी संस्था, निजी फार्म और किसान से दूध संकलन करता आ रहा है।





