
मदन पुरस्कार गृह ने संवत् २०८२ के लिए १० उत्कृष्ट कृतियों की श्रेष्ठ सूची जारी की है। प्राप्त २९८ पुस्तकों में से केशवराज ज्ञवाली, केशव दाहाल, ललित विष्ट सहित कई लेखकों की १० कृतियाँ चयनित हुई हैं। गृह के अनुसार, वि.सं. २०७५ से मदन पुरस्कार की राशि चार लाख रुपये निर्धारित की गई है। ४ साउन, काठमांडू।
सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस वर्ष मदन पुरस्कार के लिए गृह को प्राप्त २९८ पुस्तकों का मूल्यांकन करने के बाद १० कृतियों को श्रेष्ठ सूची में रखा गया है। इनमें से एक कृति को मदन पुरस्कार–२०८२ दिया जाएगा। चयनित कृतियों में केशवराज ज्ञवाली की “अज्ञात”, केशव दाहाल की “इथा”, ललित विष्ट की “उत्कर्ष”, रोशनकुमार झाको की “नेपालमण्डल से जुड़ा सिम्रौनगढ़ का इतिहास”, वीनाजोशि (राजभण्डारी) की “नेवार समुदाय के पारंपरिक मुकुन्डोनाच”, उमा सुवेदी की “परिधि”, सीमा आभास की “महायुग”, श्रवण मुकारुङ की “सलह”, डॉ. नवराज केसी की “स्वस्पर्श” तथा नदीश की “हिउँद” शामिल हैं।
मदन पुरस्कार गृह के अध्यक्ष कुन्द दीक्षित द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि वि.सं. २०७२ से गृह को प्राप्त पुस्तकों में अधिकतम १० कृतियों को चयनित कर श्रेष्ठ सूची प्रकाशित करने की परंपरा रही है। गृह के नियम अनुसार अप्रकाशित सामग्री की अधिकता को पुस्तक चयन का एक आधार माना जाता है। वि.सं. २०१२ में स्थापित मदन पुरस्कार गृह ने पहली बार २०१३ साल में गद्य, सामाजिक शास्त्र एवं विज्ञान विधा की तीन कृतियों को मदन पुरस्कार से सम्मानित किया था। तब से यह पुरस्कार नेपाली भाषा में प्रकाशित उत्कृष्ट कृतियों को प्रदान किया जाता है।





