
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच राहुल गांधी के प्रदर्शन को लेकर गुप्त साजिश का गंभीर आरोप लगाया है। आप के नेता संजय सिंह और अतिशी ने सरकार पर सीजेपी और सोनम वांगचुक के आंदोलन को नजरअंदाज करते हुए केवल कांग्रेस के प्रदर्शन पर ही त्वरित प्रतिक्रिया देने का आरोप लगाया है। आम आदमी पार्टी की इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया और विभिन्न राजनीतिक संस्थानों में व्यापक आलोचना बटोरी है जबकि कांग्रेस इसे निराधार ठहराती रही है। ६ साउन, काठमाडौँ। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने मंगलवार को कांग्रेस पर भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर खेल खेलने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, मोदी सरकार ने राहुल गांधी नेतृत्व वाले प्रदर्शन पर त्वरित प्रतिक्रिया दी लेकिन जनतर मंतर पर सोनम वांगचुक और ककरोच जनता पार्टी के आंदोलन को लगातार नजरअंदाज किया।
आम आदमी पार्टी के अनुसार, कांग्रेस के विरोध में ही यह पार्टी अस्तित्व में आई है। इसने दिल्ली में कांग्रेस को सत्ता से हटाया था। हालांकि अरविंद केजरीवाल पहली बार 2013 में कांग्रेस के समर्थन से मुख्यमंत्री बने थे। 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। आम आदमी पार्टी ने 28, भाजपा ने 31 और कांग्रेस ने 8 सीटें जीतीं। इसके बाद आप ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर केजरीवाल मुख्यमंत्री बने। मगर अब आम आदमी पार्टी को कांग्रेस और भाजपा के बीच कुछ खेल-तमाशा नजर आ रहा है।
आम आदमी पार्टी के विरोध को लेकर आप सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने सीजेपी के आंदोलन को कमजोर करने के लिए राहुल गांधी को धरने पर बैठाया है। संजय सिंह ने X पर लिखा, “देश के करोड़ों युवाओं के लिए सोनम वांगचुक जी पिछले 23 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। जनतर मंतर में देश के युवा आंदोलन कर रहे हैं। ” उन्होंने आगे लिखा, “20 जुलाई को युवाओं को निर्ममता से पीटा गया। कांग्रेस एक महीने से आंदोलन की आलोचना कर रही है। अब राहुल गांधी जनतर मंतर में नहीं, हमारे धरने में आने को कह रहे हैं। आखिर कांग्रेस युवा आंदोलन को कमजोर क्यों करना चाहती है? कांग्रेस जनतर मंतर के आंदोलन में भाग लेने का आह्वान क्यों नहीं करती?” संजय सिंह की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर काफी आलोचना का केंद्र बनी हुई है। प्रसिद्ध गीतकार स्वानंद किरकिरे ने लिखा, “आपने आज ही कहा था, संसद उनका नाम पर नहीं बनाई गई है। ठीक वैसे ही यह धरना भी किसी के नाम पर नहीं किया गया है। आंदोलन बच्चों का है। आप भी उनके साथ खड़े हों। किसने रोका है? यहाँ भी लड़ो, वहाँ भी लड़ो और चिंता मत करो। हम उन बच्चों के लिए नहीं लड़ रहे हैं, वे हमारे लिए लड़ रहे हैं।”





