
८ साउन, चितवन । हाल के समय में बर्डफ्लू नियंत्रण में सकारात्मक प्रगति हुई है, ऐसा व्यवसायियों ने बताया है। बर्डफ्लू संक्रमण के सामने आने के बाद सरकारी क्षेत्र द्वारा प्रभावी ढंग से किए गए कार्यों के कारण संक्रमण नियंत्रण में सफलता मिली है, यह व्यवसायियों ने कहा। संक्रमण नियंत्रण के लिए जागरूकता और आवश्यक सावधानियां अपनाने के कारण बड़ी हानि से बचाव हुआ है, नेपाल लेयर्स कुखुरापालक संघ के अध्यक्ष विनोद पोखरेल ने बताया। उनके अनुसार कुखुरापालक संघ और नेपाल ह्याचरी उद्योग संघ केन्द्रीय समिति ने पशु सेवा विभाग को लिखित धन्यवाद दिया है। ‘‘सभी कर्मचारियों की टीम ने दिन-रात मेहनत कर बर्डफ्लू नियंत्रण की दिशा में काम किया, साथ ही आम समाज पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े, यह सुनिश्चित करते हुए जागरूकता मूलक सूचनाएं भेजीं और सावधानी अपनाकर देश के आत्मनिर्भर व्यवसाय को संकट में पड़ने से बचाने में अतुल्य योगदान दिया है,’’ धन्यवाद पत्र में उल्लेख किया गया है।
संघ के अध्यक्ष पोखरेल ने कहा कि विभाग द्वारा उठाए गए कदम और निरंतर सहयोग के कारण पोल्ट्री क्षेत्र में अतिरिक्त क्षति से बचाव हुआ है। किसानों और व्यवसायियों को समस्या होने पर तत्काल और उचित समाधान मिलने के कारण कम नुकसान के साथ यह सफल उदाहरण सामने आया है। नेपाल ह्याचरी उद्योग संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र लामिछाने ने पशु सेवा विभाग के महानिर्देशक सहित टीम से मुलाकात कर बर्डफ्लू नियंत्रण के लिए उनकी सक्रियता की सराहना की। उन्होंने लगभग ९९.९९ प्रतिशत रोग नियंत्रण होने और अन्य स्थानों पर संक्रमण न होने की जानकारी दी।
नेपाल की कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर व्यवसायों में पोल्ट्री एकमात्र ऐसा व्यवसाय है, जो व्यवसायीकरण और आधुनिकीकरण की प्रक्रिया से गुजरते हुए देश के कुल घरेलू उत्पादन का लगभग तीन प्रतिशत हिस्सा ग्रहण करता है, यह बताते हुए संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष लामिछाने ने कहा कि यह प्रत्यक्ष रूप से पांच लाख लोगों को रोजगार प्रदान करता है। नेपाल के पोल्ट्री व्यवसाय क्षेत्र में लगभग एक खर्ब ६० अरब रुपये का निवेश है, जिसके संरक्षण के लिए राज्य की उचित पहल आवश्यक है, उन्होंने जोर दिया। व्यवसायियों ने यह भी बताया कि साउन १ तारिख के बाद से नेपाल में बर्डफ्लू संक्रमण नहीं देखा गया है।
पशु सेवा विभाग के महानिर्देशक डा. उमेश दाहाल के अनुसार इस वर्ष नेपाल भर में आठ लाख ३५ हजार ५६३ पक्षियों को नष्ट किया गया है। साथ ही ११ लाख ६५ हजार ६६३ अंडे और दो लाख ४५ हजार ३५ किलो दाना नष्ट किया गया है। काठमांडू उपत्यका और काभ्रे क्षेत्र में ही तीन लाख ६७ हजार ८३५ पक्षियों का निपटान किया गया है, यह उन्होंने बताया। महानिर्देशक दाहाल ने प्रभावित किसानों को सरकार द्वारा तुरंत राहत उपलब्ध कराने की जानकारी दी। बजट में ५० करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जुड़ी है और कुल ५२ करोड़ रुपये का प्रबंध हुआ है। अब तक १०४ किसान और फार्म के खातों में ५० करोड़ ७१ लाख १५ हजार ७०४ रुपये की राहत राशि वितरित की जा चुकी है। ‘‘देश भर में पाए जाने वाले पक्षी रोग अनुसंधान प्रयोगशालाएं तेजी से परीक्षण कर रही हैं। सरकार की सतर्कता एवं किसानों के सहयोग के कारण बर्डफ्लू नियंत्रण में सफलता मिली है। अब संक्रमण की संभावना कम है,’’ उन्होंने कहा। संक्रमण में कमी आने के बाद से मुर्गी के अंडे और मांस की खपत बढ़नी शुरू हो गई है, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिलना शुरू हुआ है। पहले संक्रमण के कारण कीमतें गिरने से किसान प्रभावित थे और चल्ला बिक्री न होने के कारण उन्हें कई बार नुकसान उठाना पड़ता था।





