
युवा लेखक शिवराज शाही की पहली कथासंग्रह ‘एक मान्ठ एक देवता’ का लोकार्पण काठमांडू में एक विशेष कार्यक्रम में किया गया। ११ साउन, काठमांडू। साहित्यकार नयनराज पाण्डे, पूर्वमंत्री एवं लेखक माधव चौलागाईं, अभिनेत्री सुरक्षा पंत और कथाकार शिवराज शाही ने संयुक्त रूप से इस पुस्तक का लोकार्पण संभाला।
पुस्तक पर अपनी टिप्पणी में साहित्यकार नयनराज पाण्डे ने कहा कि नई पीढ़ी के लेखकों की कृतियों में कर्णाली विषयवस्तु गहराई से शामिल है। उन्होंने वर्तमान लेखकों की श्रेष्ठता और कमियों का विश्लेषण करते हुए कहा कि शिवराज में ‘शिवराज-क’ और ‘शिवराज-ख’ दो प्रकार के पक्ष मौजूद हैं। उन्होंने कहा, ‘‘शिवराज-क’’ की कथाएं उत्कृष्ट हैं जबकि ‘‘शिवराज-ख’’ की कथाएं कुछ अलग किस्म की हैं। वस्तुतः शाही ‘‘शिवराज-क’’ हैं। यह पुस्तक अत्यंत उत्कृष्ट है।
लेखक एवं पूर्वमंत्री माधव चौलागाईं ने कहा कि पुस्तक में कर्णाली की कथाएं और वेदनाएँ समाहित हैं। उन्होंने बताया, ‘‘कथाएं केवल कर्णाली के समाज के लिए नहीं, बल्कि जीवन के छोटे-बड़े पहलुओं को भी प्रस्तुत करती हैं। यह कर्णाली की एक सामाजिक विज्ञान संबंधी आईना है।’’ अभिनेत्री सुरक्षा पंत ने पुस्तक की ११ कथाओं पर फिल्म निर्माण की संभावना जताई। उन्होंने कहा, ‘‘इस पुस्तक को पढ़ने के बाद मैंने समझा कि प्रत्येक मान्ठ में एक देवता होता है। हर कहानी में जीवन के विभिन्न संबंध समाहित हैं। सभी कहानियां कालजयी फिल्मों जैसे प्रभावशाली हैं।’’
लेखक शिवराज शाही ने बताया कि उनकी कथाओं में कर्णाली की मां और बहनों की आवाज़ समाहित है। वह जाजा रकोटा के शिवराज शाही हैं और बाह्रखरी कथा प्रतियोगिता २०८२ तथा चक्रमणी चालिसे कथा प्रतियोगिता २०८१ के विजेता भी हैं। ‘एक मान्ठ एक देवता’ उनकी पहली कथासंग्रह है। कहानियों के अनुरूप चित्र और विषय के अनुसार रंगीन फॉन्ट में मुद्रण की गई इस कथासंग्रह को बुकहिल द्वारा प्रकाशित किया गया है।





