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सहकारी ने जनता का पैसा खाया, सरकार बनी पीड़ितों की दुश्मन

सहकारी संस्थानों में फंसे बचत रकम वापस दिलाने की मांग करते हुए सहकारी पीड़ितों ने सोमवार को काठमाडौं के माइतीघर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलन में शामिल पीड़ितों ने सरकार पर छोटे और बड़े बचतकर्ताओं के बीच भेदभाव करने और सहकारी संचालकों को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया। सहकारी बचतकर्ता संरक्षण राष्ट्रीय अभियान के अध्यक्ष कुशलभ केसी ने कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और वे संबंधित मंत्रालय का घेराव करेंगे। १२ साउन, काठमाडौं।

सोमवार को माइतीघर में जमा सहकारी पीड़ितों के बीच एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। आंदोलन में एक सहकारी पीड़ित अपने बुद्धि संबंधी विकलांग बच्चे को व्हीलचेयर में बैठाकर लाए थे। वे अशक्त बच्चे को लेकर बनेपादेखि इस आंदोलन में भाग लेने आए थे। बनेपास्थित कान्तिपुर सहकारी में ३० लाख रुपये बचत रखने वाले राजु सिलवाल का दैनिक जीवन अब जटिल होता जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘सहकारी में जमीन-जायदाद बेचकर जमा किया गया पैसा न तो वापस मिलता है न ब्याज, इसलिए उस पैसे को वापस लेने के लिए हम आंदोलन कर रहे हैं।’

इसी प्रकार, आंदोलन में ललितपुर के रिटायर्ड दमकलकर्मी कृष्णजंग पाण्डे भी उपस्थित थे। पाण्डे ने बताया कि नौकरी से रिटायर होने पर मिले ३० लाख रुपये लालीगुराँस बचत एवं ऋण सहकारी में जमा किए थे, जो अब फंसे हुए हैं। सहकारी में पैसा रखने के बावजूद अपने बेटे के इलाज के खर्चों में मदद न मिल पाने से उनकी पीड़ा और बढ़ गई है। आंदोलन में मौजूद नेत्रप्रसाद दंगाल ने कहा, ‘किसानों की कमाई को सहकारी ठगों ने हड़प लिया है।’

सोमवार को माइतीघर में हजारों पीड़ित मौजूद थे। सरकार पर छोटे और बड़े बचतकर्ताओं के बीच भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए सहकारी बचतकर्ता संरक्षण राष्ट्रीय अभियान की ओर से माइतीघर से लेकर समस्या वाले सहकारी व्यवस्थापक समिति कार्यालय और राष्ट्रीय सहकारी प्राधिकरण कार्यालय ललितपुर तक विरोध प्रदर्शन किया गया। सहकारी पीड़ितों की विभिन्न संघ-संस्थाओं ने बचत रकम वापसी में हो रही देरी, सरकारी उदासीनता और सहकारी ठगों के संरक्षण को लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए।

कुशलभ केसी ने कहा, ‘सहकारी संस्थानों में सामने आई समस्याएं स्पष्ट हैं, पर सरकार ने व्यवहार में कोई बदलाव नहीं किया है। बचत रखा हुआ पैसा वापस न दिला पाने के बाद अब सरकार से क्या उम्मीद की जा सकती है?’ उन्होंने बताया कि मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी रहेगा और वे भूमि व्यवस्था, सहकारी, संघीय मामला तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालयों का घेराव करने वाले हैं। कुशलभ केसी ने कहा कि सहकारी पीड़ितों की मांगे पूरी न होने तक आंदोलन निर्बाध जारी रहेगा।