Skip to main content

मुग्लिन-नारायणगढ सड़क खंड में नए भूस्खलन का खतरा, बार-बार राजमार्ग अवरुद्ध

मुग्लिन-नारायणगढ सड़क खंड में बार-बार भूस्खलन होने के कारण मंगलवार को दैनिक यातायात सेवा बाधित हुई। चितवन प्रशासन ने सड़क पर उच्च जोखिम के कारण रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया है। सड़क विभाग ने देशभर में बंद पड़े सभी रास्ते तुरंत खोलने के लिए 277 मशीनें तैयार रखी हैं।

काठमांडू, 12 साउन। देश के मुख्य राजमार्ग मुग्लिन-नारायणगढ सड़क खंड मंगलवार को कई बार अवरुद्ध हुआ। सड़क डिवीजन कार्यालय भरतपुर के अनुसार सुबह 7:30 बजे पहली बार सड़क बंद हुई। खहरे खोल में हुई नई भूस्खलन की वजह से दिन भर यातायात प्रभावित हुआ। मुग्लिन बाजार के पास इस इलाके में भूस्खलन होने के बाद खतरा बढ़ गया है।

कार्यालय के अनुसार सड़क लगभग पांच घंटे तक बंद रही और डेढ़ बजे के बाद ही फिर से चालू हुई। लेकिन दोपहर 3 बजे उसी जगह पर फिर से भूस्खलन हुआ। लगभग एक घंटे की सफाई के बाद यातायात खुला, लेकिन शाम 6 बजे पुनः अवरुद्ध हो गया। फिलहाल सड़क फिर से चालू है। कार्यालय ने जोखिम जारी रहने के कारण रात में वाहन आवागमन नहीं करने की चेतावनी दी है।

चितवन जिला प्रशासन कार्यालय ने रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक वाहन आवागमन पर रोक लगाई है। मुग्लिन-नारायणगढ सड़क खंड सख्त भूस्खलन के सबसे अधिक जोखिम वाले राजमार्गों में शामिल है। सोमवार दोपहर 17 किलोमीटर क्षेत्र में बड़ी चट्टान गिरने से राजमार्ग दो घंटे से अधिक समय तक बंद रहा था। उसी दिन सुबह सिमलताल के निकट भी भूस्खलन से यातायात अवरुद्ध हुआ था, जिसे आधे घंटे में साफ कर दिया गया था। पिछले शनिवार को भी गाईघाट के पास ऊपर से चट्टान गिरने से सड़क बंद हुई थी।

जलवीरे और तुइन खोल जैसे स्थान भूस्खलन के सबसे अधिक जोखिम वाले क्षेत्र हैं। सड़क डिवीजन कार्यालय ने दो दर्जन से अधिक स्थानों पर भूस्खलन के खतरे की पुष्टि की है। मौरी पुल, नाम्सी पुल, कालीखोला और तुइन पुल सबसे अधिक जोखिम वाले क्षेत्र हैं। गाईघाट, डुम्रे पुल, घुमाने, सिमलताल, जलवीरे और पाँचकिलो क्षेत्रों को भी उच्च जोखिम वाले भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र माना जाता है।

सड़क विभाग के अनुसार हर साल नए-नए इलाकों में भूस्खलन की चुनौतियां बढ़ रही हैं। विभाग ने देश भर के संभावित अवरुद्ध रास्ते खोलने के लिए 277 मशीनें तैयार रखी हैं, जो विभिन्न हेवी इक्विपमेंट डिवीजन से परिचालित की जाती हैं। इससे बंद मार्गों की सफाई में तेजी आई है। विभाग और सड़क डिवीजन कार्यालयों के समन्वय से मशीनों का परिचालन कर यातायात सुचारू रखा जा रहा है।

इस बार भूस्खलन नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए तीन अरब रुपये का बजट आवंटित किया गया है। 60 से 70 भूस्खलन क्षेत्रों की पहचान कर उनमें से कई जगह अध्ययन और कुछ में तुरंत काम शुरू करने की योजना है। मुग्लिन-नारायणगढ सड़क खंड संघीय राजधानी काठमांडू को अन्य क्षेत्रों से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। कुछ वर्ष पहले सड़क का स्तर उन्नयन किया गया था, लेकिन उसके बाद भूस्खलन का खतरा बढ़ा है। विशेषज्ञ लंबे समय से बता रहे हैं कि स्थिर चट्टानी पहाड़ को खोदकर सड़क का विस्तार करने से खतरा बढ़ गया है।