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राष्ट्रीय परिवहन नीति २०८३ जारी: इलेक्ट्रिक वाहन और जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता

सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन और जलवायु अनुकूल बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रीय परिवहन नीति २०८३ को लागू किया है। नई नीति में सड़क दुर्घटना कम करने के लिए सुरक्षित प्रणाली तथा दुर्घटना के बाद बचाव में एकीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया संरचना बनाने की रणनीतियाँ शामिल हैं। शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने हेतु मास ट्रांजिट सिस्टम, डिजिटल तकनीक और ई-मोबिलिटी के विस्तार की योजना भी सरकार ने प्रस्तुत की है।

१३ साउन, काठमांडू। सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और जलवायु अनुकूल इंजीनियरिंग पूर्वाधार को प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रीय परिवहन नीति २०८३ को सार्वजनिक किया है। पूर्वाधार विकास मंत्रालय के अनुसार, मंत्रिपरिषद् ने २४ असार को इस नीति को स्वीकृत किया था। इसके साथ ही राष्ट्रीय परिवहन नीति २०५८ का प्रतिस्थापन हुआ है।

सरकार ने नई परिवहन नीति के माध्यम से नागरिकों के लिए सुरक्षित प्रणाली सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई है। आने वाले समय में इलेक्ट्रिक तथा वैकल्पिक ऊर्जा आधारित वाहनों, हरित और जलवायु-अनुकूल पूर्वाधार को प्राथमिकता देते हुए सतत परिवहन प्रणाली विकसित की जाएगी। साथ ही, सड़क, रेल, जल परिवहन और रस्सी यातायात (कैबलकार, पडवे, रोपवे) जैसे सभी माध्यमों को बहु-आयामी अवधारणा के तहत सहयोग, दक्षता और समन्वय के साथ एकीकृत नेटवर्क में विकसित करने की नीति सरकार ने बनाई है।