
नेपाल में अपाङ्गता वाले ६ लाख ४७ हजार ७४४ नागरिक सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक यातायात की पहुँचविहीन संरचनाओं के कारण दैनिक रूप से गंभीर जोखिम में हैं। सड़क दुर्घटनाओं के कारण नेपाल में प्रतिवर्ष लगभग १,२०० से १,५०० लोगों को स्पाइनल कॉर्ड इंजुरी होती है, जिनमें से ८० प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित होती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क निर्माण के समय केवल वाहनों को ध्यान में रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ‘यूनिवर्सल डिजाइन’ अपनाकर सभी नागरिकों की पहुँच और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानूनी एवं नीतिगत सुधार आवश्यक हैं।
१३ साउन, काठमाडौं – नेपाल टेलिकом के सहायक प्रशासनिक अधिकृत गौतम पोखरेल २०७६ भदौ में एक दिन नेपाल नेत्रहीन संघ के सुकेधारास्थित कार्यालय से धोबीखोला करिडोर होते हुए नैकाप लौट रहे थे। वर्षा के कारण सड़क की मिट्टी गीली और फिसलन भरी थी। दुर्भाग्यवश, पैदल यात्रियों के लिए कोई सुरक्षित मार्ग उपलब्ध नहीं था। धुमबाराही स्थित राजधानी पेट्रोल पम्प के नजदीक पहुँचने पर वे एक नाले में गिर गए। उनका लैपटॉप भी पूरी तरह गीला हो गया। यदि किसी अनजान व्यक्ति ने समय रहते उनकी सहायता न की होती तो यह घटना और गंभीर हो सकती थी। यह घटना हमारी सड़क संरचनाओं द्वारा दृष्टि-विहीन लोगों के लिए उत्पन्न बड़े जोखिम का प्रमाण है।
लगभग इसी प्रकार की परेशानियाँ सिजन राई को भी झेलनी पड़ी हैं। भक्तपुर के कमलविनायक में रहने वाले वे पढ़ाई और काम के लिए नियमित रूप से काठमाडौं आते-जाते हैं। कई बसें उन्हें देखकर भी नहीं रुकतीं, रुकें तो चढ़ने-उतरने के लिए जल्दबाजी करती हैं। कुछ मामलों में चालक और सहचालक दोनों की उपेक्षा का सामना करना पड़ा है। कई बार कॉलेज या कार्यालय समय पर न पहुँच पाने के कारण घंटों सड़क पर इंतजार करना पड़ा है। मोटरसाइकिल या अन्य संगत सवारी मांगने पर भी सहायता नहीं मिली, जिससे वे निराश हैं। सिजन के अनुभवों से स्पष्ट होता है कि यातायात क्षेत्र में न केवल भौतिक संरचनाएँ अपाङ्गता वाले व्यक्तियों के लिए बड़ी चुनौतियाँ हैं, बल्कि व्यवहार में भी उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
राष्ट्रिय जनगणना २०७८ के अनुसार, नेपाल में अपाङ्गता वाले कुल ६ लाख ४७ हजार ७४४ व्यक्ति हैं। वे हर दिन सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक यातायात में इसी प्रकार की चुनौतियाँ झेलते हैं। उनके लिए सड़क केवल यात्रा का माध्यम ही नहीं, बल्कि एक चुनौती और जोखिम से भरा विषय बन गया है।
नेपाल में सड़क दुर्घटना के विषय में चर्चा करते समय अक्सर चालक की लापरवाही, तेज गति, ट्रैफ़िक नियमों का उल्लंघन या वाहन की स्थिति पर ही ध्यान दिया जाता है। लेकिन दुर्घटना का एक महत्वपूर्ण पहलू बहुत कम उठाया जाता है—खराब सड़क पूर्वाधार और पहुँचमित्र संरचनाओं की कमी। पत्रकार गजेन्द्र बुढाथोकी कहते हैं, “ऐसी कमजोर पहुँच संबंधी संरचनाएँ हजारों जिंदगियाँ ही नहीं, बल्कि लोगों के भविष्य को भी प्रभावित करती हैं। दुर्घटनाओं से बचने के बाद भी उनकी एक बड़ी चुनौती पहुँचविहीन सड़क और सार्वजनिक यातायात के साथ दैनिक संघर्ष है।”





