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लघुवित्त पीड़ित और सरकार के बीच वार्ता पुनः शुरू

आंदोलनरत लघुवित्त पीड़ितों और सरकार के बीच मांगों के समाधान के लिए अर्थ मंत्रालय में दूसरी दिन की वार्ता पुनः शुरू हो गई है। पीड़ितों ने सर्वोच्च न्यायालय के परमादेश के लागू होने की मांग करते हुए मंगलवार से माइतीघर में अनिश्चितकालीन सामूहिक आमरण अनशन शुरू किया है। सरकार ने अर्थ मंत्रालय के सहसचिव महेश आचार्य के संयोजन में पांच सदस्यीय वार्ता दल गठित कर समस्या के समाधान का प्रयास आगे बढ़ाया है।

१५ साउन, काठमांडू। गुरुवार को निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी वार्ता शुक्रवार शाम से फिर से शुरू की गई है। अर्थ मंत्रालय में शुरू हुई इस वार्ता में सरकारी पक्ष के वार्ताकारों और आंदोलनरत पीड़ित समूह के प्रतिनिधि शामिल हैं। अर्थ मन्त्रालय द्वारा गठित वार्ता दल और लघुवित्त पीड़ितों के बीच गुरुवार को हुई वार्ता सकारात्मक और समाधानमुखी रही, ऐसा मंत्रालय ने दावा किया है।

लघुवित्त पीड़ितों ने मंगलवार से माइतीघर में सामूहिक आमरण अनशन शुरू किया है। उन्होंने सरकार से सर्वोच्च न्यायालय के परमादेश को लागू करने की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन सामूहिक आमरण अनशन की शुरुआत की है। सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार, नेपाल राष्ट्र बैंक और लघुवित्त बैंकर्स संघ को लघुवित्त पीड़ितों की समस्याओं के समाधान के लिए सहमति कार्यान्वित करने का परमादेश दिया था।

इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने इस फैसले के लागू करने का निर्देश भी दिया था, लेकिन सरकार की ओर से इस मामले में कोई गंभीरता न दिखाने के कारण पीड़ित आंदोलन पर उतरे हैं। पीड़ितों के आमरण अनशन शुरू करने के बाद सरकार ने गुरुवार को मंत्रीस्तरीय निर्णय लेते हुए अर्थ मंत्रालय के सहसचिव महेश आचार्य के संयोजन में वार्ता दल गठित किया। इस समिति के अन्य सदस्यों में कानून मंत्रालय के सहसचिव विनोदकुमार भट्टराई, गृह मंत्रालय के सहसचिव सुरेश पन्थी और नेपाल राष्ट्र बैंक के कार्यकारी निर्देशक रामु पौडेल शामिल हैं। वार्ता समिति के सदस्य सचिव के रूप में अर्थ मंत्रालय के उपसचिव बोलराज आचार्य के नाम की घोषणा हुई है।