पूर्वाधार विकास और गुणवत्ता में इंजीनियर की भूमिका महत्वपूर्ण: मंत्री श्रेष्ठ

ऊर्जा मंत्री विराजभक्त श्रेष्ठ ने कहा कि राष्ट्र के विकास और समृद्धि में ईमानदार तथा जिम्मेदार इंजीनियर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंत्री श्रेष्ठ ने कहा, “प्रत्येक निर्णय, तकनीकी सुझाव और हस्ताक्षर लाखों नागरिकों के जीवन पर सीधे प्रभाव डालते हैं, इसलिए उच्च जिम्मेदारी के साथ काम करना आवश्यक है।” उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रसेवा में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ नई पीढ़ी के इंजीनियरों से नवीन सोच, सकारात्मक ऊर्जा और नैतिक साहस की अपेक्षा की जाती है।
१८ साउन, काठमांडू। ऊर्जा, जलस्रोत और सिंचाई मंत्री विराजभक्त श्रेष्ठ ने कहा कि राष्ट्र की समृद्धि, पूर्वाधार विकास और सार्वजनिक सेवा की गुणवत्ता दक्ष, ईमानदार और जिम्मेदार इंजीनियर की भूमिका पर निर्भर करेगी। जल और ऊर्जा आयोग के सचिवालय जलस्रोत और ऊर्जा अनुसंधान केंद्र द्वारा आज आयोजित नवप्रवेशी इंजीनियरों के संबोधन के दौरान उन्होंने बताया कि सरकारी सेवा में प्रवेश केवल नौकरी की शुरुआत नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के अभियान में समर्पण का ऐतिहासिक अवसर है। मंत्री श्रेष्ठ ने कहा, “प्रत्येक निर्णय, तकनीकी सुझाव और हस्ताक्षर लाखों नागरिकों के जीवन पर सीधे प्रभाव डालते हैं, इसलिए उच्च जिम्मेदारी के साथ काम करना आवश्यक है।”
उन्होंने कहा कि राष्ट्र का विकास, सभ्यता और समृद्धि इतिहास इंजीनियर की रचनात्मकता, अनुसंधान, अनुशासन और अथक परिश्रम से जुड़ा है। सड़क, पुल, विद्युत परियोजना, प्रसारण लाइन, जलाशय, सिंचाई प्रणाली, पेयजल पूर्वाधार, औद्योगिक संरचनाएं तथा आधुनिक शहर निर्माण इंजीनियर की दूरदृष्टि और क्षमता पर निर्भर करता है, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रसेवा में ज्ञान के साथ-साथ चरित्र का भी समान महत्व है, इसलिए सरकारी सेवा में तकनीकी दक्षता से अधिक नैतिक साहस कभी-कभी और भी महत्वपूर्ण हो सकता है।





