सरकार ने सहूलियतपूर्ण ऋण कार्यक्रम में 39 अरब रुपये ब्याज अनुदान प्रदान किया, ऋण बकाया 40 अरब रुपए तक पहुंचा

सरकार ने सहूलियतपूर्ण ऋण कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 39 अरब 27 करोड़ रुपये ब्याज अनुदान के रूप में भुगतान किया है। दुरुपयोग के कारण दो वर्षों से रूका हुआ यह कार्यक्रम संशोधित कार्यप्रणाली के साथ पुनः शुरू किया गया है। नई कार्यप्रणाली के अनुसार ब्याज अनुदान की सीमा पांच प्रतिशत से घटाकर तीन प्रतिशत कर दी गई है।
18 साउन, काठमांडू। सरकार ने सहूलियतपूर्ण ऋण कार्यक्रम के माध्यम से आंतरिक उत्पादन वृद्धि के साथ-साथ स्वरोजगार सृजन, महिलाओं एवं कृषि व्यवसाय के प्रोत्साहन के लिए कुल 39 अरब 27 करोड़ रुपये ब्याज अनुदान प्रदान किए हैं। उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए सरकार विभिन्न शीर्षकों के तहत ब्याज अनुदान उपलब्ध कराती रही है और इसी कार्यक्रम के जरिए यह सुविधा दी जा रही है।
हालांकि, सहूलियतपूर्ण ऋण के दुरुपयोग के कारण पिछले दो वर्षों से यह कार्यक्रम ठप था। पिछली वित्तीय वर्ष की बजट में इसे पुनः परिष्कृत कर चलाने का निर्णय लिया गया था। कंपनियों को ब्याज अनुदान नहीं मिलने के कारण बैंक और वित्तीय संस्थान ऐसे ऋण देना बंद कर चुके थे। अब नई कार्यप्रणाली के साथ यह कार्यक्रम पुनः संचालित है जिसमें ब्याज दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत किया गया है।
वित्त मंत्रालय की जानकारी के अनुसार पुराने कार्यप्रणाली में 2087 साल तक ऋण देने का प्रावधान था, लेकिन नेपाल राष्ट्र बैंक ने बैंक और वित्तीय संस्थानों को ऋण प्रवाह का निर्देश नहीं दिया था।
ऋण के दुरुपयोग के बाद सरकार ने ब्याज अनुदान संबंधी कार्यप्रणाली 2082 को संशोधित कर लागू किया। उस समय भी ब्याज अनुदान भुगतान लंबित था। पिछले वित्तीय वर्ष के बजट में इस कार्यक्रम को जारी रखने का उल्लेख था और सरकार ने शांतिपूर्वक नई कार्यप्रणाली लागू कर इसे निरंतरता दी। ब्याज भुगतान न होने के कारण बैंक दो वर्षों से अनौपचारिक रूप से सहूलियतपूर्ण ऋण देना बंद कर चुके हैं और राष्ट्र बैंक ने भी मौन समर्थन करते हुए ऋण स्वीकृति नहीं दी।
बैंक और वित्तीय संस्थानों द्वारा सहूलियतपूर्ण ऋण के नाम पर कुल 1 खरब 40 अरब रुपये ऋण जारी किया जा चुका है। इनमें से लगभग 40 अरब 20 करोड़ रुपये बकाया हैं। सरकार ने अब तक 39 अरब 27 करोड़ रुपये ब्याज अनुदान का भुगतान कर दिया है। नई कार्यप्रणाली के अनुसार ब्याज दर व्यवस्था में बैंक आधार दर पर अतिरिक्त 1.5 प्रतिशत प्रीमियम ले सकेंगे, जो पहले 2 प्रतिशत थी। ऋण अवधि पाँच वर्ष निर्धारित की गई है।
नई कार्यप्रणाली राष्ट्रीय बैंक, बैंक एवं वित्तीय संस्थाओं तथा ऋणी सभी को जिम्मेदार बनाते हुए कर्तव्य और अधिकार स्पष्ट करती है। कार्यक्रम के तहत कृषि और पशुपालन ऋण 5 करोड़ रुपये तक, महिला उद्यमशीलता ऋण 25 लाख रुपये तक, वैदेशिक रोजगार से लौटे युवाओं के लिए स्वरोजगार ऋण 20 लाख रुपये तक एवं शिक्षित युवा परियोजना ऋण 20 लाख रुपये तक दिए जाने की व्यवस्था है।
इसी प्रकार दलित समुदाय के लिए भगत सर्वजित उद्यम विकास ऋण 20 लाख, स्टार्टअप उद्यम ऋण 25 लाख, उद्योग में बॉयलर प्रतिस्थापन ऋण अधिकतम 50 लाख, प्राकृतिक विपद् प्रभावितों के निजी आवास निर्माण ऋण 5 लाख तक सहूलियतपूर्ण ऋण वर्ग के तहत कार्यप्रणाली में उल्लेखित है।





