
काठमांडू महानगरपालिका और वैकल्पिक ऊर्जा प्रवर्द्धन केंद्र ने टेकु स्थित बायोगैस प्लांट को पुनः संचालन में लाने के लिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। कार्यवाहक प्रमुख सुनिता डंगोल ने जैविक कूड़े की स्थायी प्रबंधन और तकनीक के उपयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से यह समझौता होने की जानकारी दी। समझौते के तहत, केंद्र प्लांट का विस्तृत अध्ययन, उपकरण स्थापना और परीक्षण कर महानगरपालिकालाई सौंपेगा। १८ साउन, काठमांडू।
समझौता पत्र पर महानगरपालिकाके प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी सरोज गुरागाईं और केंद्र के कार्यकारी निदेशक नवराज ढकाल ने हस्ताक्षर किए हैं। नगर में उत्पन्न जैविक कूड़े के प्रवंधन को आधुनिक और तकनीक अनुकूल बनाने के मकसद से यह समझौता किया गया है। कार्यवाहक प्रमुख डंगोल ने कहा, “पुनः स्थापना मात्र महत्वपूर्ण नहीं है, इसे स्थायी रूप से चलाकर और सीख को व्यापक रूप देना ही सफलता है।”
केंद्र के कार्यकारी निदेशक नवराज ढकाल ने आवश्यक उपकरण, सामग्री और तकनीकी सेवाओं के माध्यम से प्लांट को संचालन में लाने की बात कही। उन्होंने बताया, “हम इसकी निगरानी और सुपरविजन के बाद महानगरपालिकालाई सौंपेंगे।” यह प्लांट महानगरपालिका की समग्र स्थायी कूड़ा प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत निर्मित है, जो सन् २०१५ से संचालित है।
प्लांट संचालन के दौरान रोजाना तीन मीट्रिक टन जैविक कूड़ा से १४ किलोवाट बिजली, ३०० किलो जैविक खाद तथा १३ हजार पाँच सौ लीटर पानी उत्पादन करने का लक्ष्य रखा गया था। तकनीकी कारणों से संचालन में समस्या आने के बाद परियोजना को पुनः स्थायी रूप से चलाने के लिए यह समझौता किया गया है। महानगरपालिका ने प्लांट के दीर्घकालीन संचालन और रखरखाव के लिए आवश्यक बजट व्यवस्था करने की जानकारी भी दी है।





