Skip to main content

आन्तरिक राजस्व विभाग ने पैन लेकर बिल जारी करने के लिए व्यवसायियों को किया जागरूक

आन्तरिक राजस्व विभाग ने सभी व्यवसायियों को अनिवार्य स्थायी लेखा संख्या (पैन) लेकर कारोबार में बिल जारी करने के लिए जागरूक किया है। चालू आर्थिक वर्ष २०८३/८४ से सरकार ने करदाता प्रोत्साहन उपहार कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके अंतर्गत यदि व्यवसायी पैन लिए बिना व्यवसाय कर रहे हैं, तो अब विभाग ने उन्हें अनिवार्य रूप से पैन लेकर बाजार में बिल जारी करने के लिए सचेत किया है।

उपभोक्ता यदि रु १०० से अधिक मूल्य की वस्तु या सेवा खरीदते हैं तो बिल प्रविष्ट कर दैनिक रु १ लाख तथा १५ दिन में रु १० लाख तक उपहार प्राप्त कर सकते हैं। सोमवार तक कुल लगभग ११ लाख कारोबार संख्या दर्ज हो चुकी है। विभाग के अनुसार, सोमवार दोपहर १२ बजे तक उपभोक्ताओं द्वारा किए गए कारोबार की संख्या १० लाख ८२ हजार ६ सय २२ तक पहुंच गई है। इसमें क्यूआर कोड से किए गए कारोबार और नगद लेनदेन से अपलोड किए गए बिल की संख्या भी शामिल है।

विभाग के सूचना अधिकारी केशव रघुवंशी के अनुसार, साउन १ से १५ तक क्यूआर कोड के माध्यम से किए गए १० लाख ७४ हजार ७ सय ९६ कारोबार उपहार कार्यक्रम के लिए योग्य हैं। शनिवार से भौतिक बिल अपलोड करने की सुविधा भी शुरू की गई है। विभाग ने पहले १५ दिनों में प्रतिदिन १५ व्यवसायियों को रु १ लाख और एक को विशेष बम्पर पुरस्कार के रूप में रु १० लाख पुरस्कार देने की योजना बनाई है। इस कार्यक्रम के पहले पुरस्कार की घोषणा शीघ्र की जाएगी।