
नेपाल आयल निगम ने उपभोक्ताओं के आक्रामक खरीद के कारण गैस की मांग में वृद्धि होने की जानकारी दी है और दावा किया है कि आगामी 15 दिन के भीतर आपूर्ति में सुधार होगा। निगम के कार्यकारी निदेशक दीपक बराल ने संसद की समिति को बताया कि गैस की मांग वर्तमान में 47 हजार टन से बढ़कर 60 हजार टन हो गई है। भारतीय आयल कॉर्पोरेशन (IOC) के साथ आपूर्ति बढ़ाने के लिए पहल जारी है और प्रतिदिन 110 से 115 गैस बुलेट लोड हो रहे हैं, जिससे समस्या शीघ्र समाधान होगी, निगम ने बताया। 20 साउन, काठमांडू।
नेपाल आयल निगम ने बाजार में खाना पकाने के लिए एलपी गैस की असामान्य रूप से बढ़ी मांग पर चिंता जताते हुए आने वाले 10 से 15 दिनों में आपूर्ति सामान्य होने का दावा किया है। बुधवार को सिंहदरबार में राष्ट्रीय सभा की संघीयता सबलीकरण तथा राष्ट्रीय सरोकार समिति की बैठक में दीपक बराल ने कहा कि तकनीकी समस्याओं और उपभोक्ताओं के ‘पैनिक बाइंग’ यानी घबराकर खरीदने के कारण कुछ असुविधाएं रही हैं, लेकिन दो हफ्तों के भीतर गैस आपूर्ति पूरी तरह से सुचारु हो जाएगी।
निगम के अनुसार सामान्य स्थिति में गैस की मांग लगभग 47 हजार टन होती थी, जो अब बढ़कर 60 हजार टन हो गई है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के साथ आपूर्ति बढ़ाने हेतु लगातार प्रयास जारी हैं। बराल ने कहा, ‘हम आमतौर पर दो महीने के लिए 49 हजार टन की मांग भेजते थे, लेकिन अब 60 हजार टन की मांग आ रही है। आईओसी ने केवल 49,500 टन उपलब्ध कराने की बात कही है, लेकिन हमने 55 हजार टन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।’
आईओसी ने 55 हजार टन की मांग पूरी नहीं मानी है, पर गैस बुलेट लोडिंग बढ़ाई गई है, बराल ने बताया। निगम का मानना है कि बाजार में गैस की कमी का मुख्य कारण उपभोक्ताओं द्वारा घबराकर गैस का जमावड़ा करना है। उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा में यह सहमति हुई है कि दशहरा-तिहार को ध्यान में रखते हुए दो महीने के लिए 60 हजार टन गैस आयी और घरों में खाली सिलेंडर भरे जा सकें, तो बाजार का दबाव कम होगा, बराल ने कहा।
तत्काल आपूर्ति बढ़ाने में तकनीकी और परिवहन संबंधी बाधाएं भी मौजूद हैं, निगम ने बताया। बराल ने कहा, ‘हम तुरंत ही बुलेटों के बेड़े का प्रबंधन नहीं कर पा रहे हैं, और आईओसी भी रिफाइनरी से उत्पादन बढ़ा नहीं सकता। हल्दिया पाइपलाइन में आग लगने से उत्पादन प्रभावित हुआ है। ये विभिन्न कारण हैं जिनसे आपूर्ति में समस्या आ रही है।’ हालांकि, निगम ने गैस आपूर्ति को सुचारु बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने की बात कही है। बराल ने दावा किया, ‘पहले प्रतिदिन 80 बुलेट लोड होते थे, अब प्रबंधन से 110-115 बुलेट प्रतिदिन लोड हो रहे हैं। इसी तरह आपूर्ति जारी है और हम 8 से 15 दिनों के भीतर इसे पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए आशावादी हैं।’





