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सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच रक्षा समझौता: फायदे और नुकसान

तुर्की के राष्ट्रपति रेजेप तय्यप एर्दोगन, सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ

तस्वीर स्रोत, SPA

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सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जिसमें कहा गया है कि किसी भी एक देश पर हमला तीनों देशों के खिलाफ हमला माना जाएगा।

सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रेजेप तय्यप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ ने यह समझौता सऊदी अरब के मक्का शहर में घोषित किया।

28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला करने के बाद तेहरान और उसके सहयोगी सऊदी अरब और खाड़ी देशों के विभिन्न इलाकों पर आक्रमण कर चुके हैं।

उन्होंने विश्व के महत्वपूर्ण जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और रेड सी के माध्यम से आवागमन करने वाले जहाजों की आवाजाही को रोक दिया था।

भारत के कुछ विश्लेषक पाकिस्तान के खिलाफ संभावित विवाद में तुर्की और सऊदी अरब की इस्लामवाद की पक्षधरता को लेकर प्रश्न कर रहे हैं।